menu-icon
India Daily

छह साल की देरी से मिला फ्लैट का कब्जा, ओमेक्स पर रेरा का बड़ा एक्शन; अब देना होगा 31.51 लाख का ब्याज

मोहाली के न्यू मुल्लांपुर स्थित ओमेक्स द लेक प्रोजेक्ट में फ्लैट का कब्जा करीब छह साल देर से मिलने पर रेरा ने बिल्डर पर 31.51 लाख रुपये का ब्याज लगाया है. खरीदार को कब्जा जुलाई 2019 में मिलना था, लेकिन मई 2025 में मिला.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
छह साल की देरी से मिला फ्लैट का कब्जा, ओमेक्स पर रेरा का बड़ा एक्शन; अब देना होगा 31.51 लाख का ब्याज
Courtesy: Pinterest

मोहाली: मोहाली के न्यू मुल्लांपुर स्थित ओमेक्स के द लेक प्रोजेक्ट में फ्लैट का कब्जा देने में करीब छह साल की देरी कंपनी को भारी पड़ी है. पंजाब रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण रेरा ने ओमेक्स न्यू चंडीगढ़ डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को खरीदार बिक्रम सिंह भुल्लर को 31.51 लाख रुपये ब्याज देने का आदेश दिया है. रेरा ने ब्याज की गणना 10.80 प्रतिशत की दर से करने का निर्देश दिया है.

मामले के अनुसार खरीदार को फ्लैट का कब्जा 4 जुलाई 2019 तक मिलना था. हालांकि तय समय सीमा में फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया. करीब छह साल तक इंतजार करने के बाद खरीदार को 21 मई 2025 को वास्तविक कब्जा मिला. इस लंबी देरी को लेकर खरीदार ने रेरा का रुख किया था.

रेरा का क्या है कहना?

रेरा के अनुसार खरीदार ने फ्लैट के लिए बिल्डर को कुल 50,74,667 रुपये का भुगतान किया था. इस राशि पर 1 अगस्त 2019 से 30 अप्रैल 2025 तक 10.80 प्रतिशत की दर से ब्याज की गणना की गई. इसके आधार पर कुल 31,51,368 रुपये ब्याज की रकम तय हुई.

कंपनी ने देरी के लिए कोविड महामारी और खरीदार की ओर से भुगतान में कथित देरी को वजह बताया था. हालांकि रेरा ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया. प्राधिकरण ने कहा कि फ्लैट देने की तय समय सीमा कोविड महामारी शुरू होने से पहले ही समाप्त हो चुकी थी. इसलिए महामारी को देरी का आधार बनाकर कंपनी को राहत नहीं दी जा सकती.

और क्या था विवाद?

मामले में अतिरिक्त 80 वर्ग फुट क्षेत्र को लेकर भी विवाद था. कंपनी ने इस अतिरिक्त क्षेत्र के लिए करीब 2.95 लाख रुपये की मांग की थी. रेरा ने कंपनी की पूरी मांग को स्वीकार नहीं किया. प्राधिकरण ने मूल समझौते में तय 2,275.50 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर के आधार पर अतिरिक्त क्षेत्र की कीमत 1,82,040 रुपये तय की.

रेरा ने कंपनी को क्या दिया निर्देश?

रेरा के आदेश के अनुसार खरीदार की करीब 9.75 लाख रुपये की देनदारी को 31.51 लाख रुपये के ब्याज में समायोजित किया जाएगा. इसके बाद कंपनी को खरीदार को करीब 21.76 लाख रुपये की शुद्ध राशि का भुगतान करना होगा. रेरा ने कंपनी को आदेश मिलने के 90 दिनों के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया है.

अगर कंपनी तय अवधि में भुगतान नहीं करती है तो रकम की वसूली भूमि राजस्व के बकाये की तरह की जा सकती है. इस फैसले से लंबे समय तक फ्लैट का इंतजार करने वाले खरीदारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.