लोकसभा चुनाव के नतीजों को देखें तो राहुल गांधी का कद बढ़ गया है. भले ही कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे हों लेकिन यह सच है कि पर्दे के पीछे से राहुल गांधी ही पार्टी चला रहे हैं. लोकसभा चुनाव से कुछ दिनों पहले तक राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकाल रहे थे. इससे पहले भारत जोड़ो यात्रा दक्षिण से उत्तर की ओर चली थी. इन यात्राओं का असर लोकसभा चुनाव में देखने को मिला है. 2019 में सिर्फ 52 सीटें जीतने वाली कांग्रेस पार्टी ने इस बार लगभग 99 सीटें जीतकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बहुमत से दूर कर दिया है. अब सरकार बनाने के लिए बीजेपी को अपने गठबंधन सहयोगियों का मुंह ताकना होगा.
मणिपुर से 14 जनवरी को शुरू हुई यह यात्रा 15 राज्यों के लगभग 110 लोकसभा क्षेत्रों से होकर गुजरी थी. भारत जोड़ो यात्रा की तुलना में यह यात्रा थोड़ी अलग थी क्योंकि इसमें पैदल चलने के बजाय गाड़ियों की भी मदद ली गई थी. अब नतीजे सामने आए तो कई राज्यों में कांग्रेस को अच्छी सफलता मिलती दिखी है. कांग्रेस ने मणिपुर में भी वापसी की है, महाराष्ट्र में वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में भी उसने अच्छा प्रदर्शन किया है. आइए विस्तार से समझते हैं कि राहुल गांधी की यह भारत जोड़ो यात्रा कितनी असरदार रही और लोकसभा चुनाव पर इसका कितना असर पड़ा.
मणिपुर बीते साल हिंसक घटनाओं से जमकर प्रभावित हुआ था. राहुल गांधी ने जब यात्रा शुरू करने की कोशिश की तब भी उनकी रैली की जगह बदली गई लेकिन यात्रा मणिपुर से ही शुरू हुई. मणिपुर में कांग्रेस ने दोनों लोकसभा सीटें जीत ली हैं. मणिपुर के बाद यह यात्रा दो दिन नागालैंड में रही थी. वहां भी कांग्रेस पार्टी ने जीत हासिल की है. नागालैंड के बाद असम में एंट्री हुई थी. असम में कांग्रेस ने तीन सीटें ही बरकरार रखी हैं. 2019 में भी उसने तीन ही सीट जीती थी.
Here is the route map of the Bharat Jodo Nyay Yatra being launched by the Indian National Congress from Manipur to Mumbai on January 14, 2024. @RahulGandhi will cover over 6700 kms in 66 days going through 110 districts. It will prove as impactful and transformative as the… pic.twitter.com/ZPxA5daZEb
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) January 4, 2024
मेघालय में लोकसभा की 2 सीटें हैं. कांग्रेस ने यहां की एक लोकसभा सीट पर जीत हासिल की है. रोचक बात यह है कि राहुल गांधी की यह यात्रा मिजोरम और त्रिपुरा में नहीं गई थी और वहां कांग्रेस नहीं जीत पाई है. अरुणाचल प्रदेश में भी कांग्रेस को एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं हुई है. इस तरह से पूर्वोत्तर की कुल 24 लोकसभा सीटों में से 7 सीटों पर जीत हासिल की है.
राहुल गांधी ने अपनी इस यात्रा के दौरान पश्चिम बंगाल और बिहार में भी खूब पसीना बहाया था. बिहार में TMC के साथ गठबंधन न होने की स्थिति में यहां कांग्रेस पार्टी मजबूती से चुनाव भी नहीं लड़ पाई. नतीजा यह हुई कि लगातार पांच बार से चुनाव जीत रहे अधीर रंजन चौधरी भी अपनी सीट हार गए और पश्चिम बंगाल में कांग्रेस सिर्फ एक सीट पर सिमट गई. बिहार में कांग्रेस INDIA गठबंधन में शामिल थी. कांग्रेस यहां अपनी सीटों में तीन गुना इजाफा करने में कामयाब रही. पिछली बार बिहार में सिर्फ एक सीट जीतने वाली कांग्रेस इस बार तीन सीटें जीत गई है. पूर्णिया में पप्पू यादव निर्दलीय चुनाव जीते हैं जिन्होंने अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस में कर दिया था लेकिन यह सीट RJD के खाते में जाने के चलते कांग्रेस उन्हें टिकट नहीं दे पाई.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की यात्रा झारखंड और छत्तीसगढ़ के धनबाद, रांची, जमजशेदपुर, झारसुगुड़ा, रायगढ़ और अंबिकापुर जैसे इलाकों से होकर गुजरी थी. इसके बावजूद कांग्रेस को इन राज्यों में कोई विशेष फायदा नहीं हुआ है. छत्तीसगढ़ में पूर्व सीएम बूपेश बघेल जैसे नेता भी लोकसभा चुनाव हार गए हैं. झारखंड की 14 सीटों में से INDIA गठबंधन को कुल 5 सीटें मिली हैं. वहीं, छत्तीसगढ़ में वह सिर्फ एक सीट जीत पाई है. इस तरह इन दो राज्यों की 25 सीटों में से INDIA गठबंधन सिर्फ 6 सीटें जीत पाया है.
लोकसभा चुनाव में पिछले दो बार से बीजेपी की सरकार बनाने में अहम भूमिका उत्तर प्रदेश की रही है. इस बार राहुल और अखिलेश की जोड़ी ने यहां कमाल कर दिया है. राहुल गांधी की यात्रा चंदौली, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर, सोनभद्र, मीरजापुर, जौनपुर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, फैजाबाद, बाराबंकी, सीतापुर, कानपुर, लखनऊ, जालौन, झांसी, अमेठी, रायबरेली, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, संभल, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस और आगरा से होकर गुजरी थी.
शुरुआत में इस यात्रा से दूर रहने वाले अखिलेश यादव भी इस यात्रा में शामिल हुए थे. अब नतीजों को देखें तो उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस के गठबंधन को कुल 43 सीटों पर जीत हासिल हुई है. 2019 में सिर्फ एक सीट पर सीमित हो जाने वाली कांग्रेस पार्टी इस बार 6 सीटें जीत गई है. जिन-जिन जिलों से यह यात्रा गई थी उनमें से ज्यादातर पर INDIA गठबंधन ने जीत हासिल कर ली है.
राहुल गांधी की यह यात्रा पश्चिम की ओर बढ़ी तो मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के भी कुछ हिस्सों में गई. सबसे ज्यादा मध्य प्रदेश के जिलों में गई लेकिन वहां कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई. गुजरात में सिर्फ एक ही सीट पर उसे कामयाबी मिली है. राजस्थान में भी कांग्रेस ने इस बार कमाल किया है और पिछली बार की शून्य सीटों की तुलना में इस बार 10 सीटें जीत ली हैं.
INDIA गठबंधन ने इस बार महाराष्ट्र में भी कमाल कर दिखाया है. शिवेसना की टूट, NCP में दोफाड़ होने के बावजूद कांग्रेस के साथ शरद पवार और उद्धव ठाकरे टिके रहे. इस गठबंधन ने अब कुल 30 सीटों पर जीत हासिल की है और महाराष्ट्र में NDA को तगड़ा नुकसान पहुंचाया है.
राज्यों के हिसाब से जोड़ें तो सिर्फ कांग्रेस ने ही भारत जोड़ो न्याय यात्रा के रूट पर पड़ने वाले इन राज्यों में कुल 39 सीटें जीत ली हैं. गठबंधन सहयोगियों की सीटें भी जोड़ लें तो यह आंकड़ा कई गुना बढ़ जाता है. कुल मिलाकर आंकड़े यह दिखा रहे हैं कि राहुल गांधी की दो महीने की मेहनत रंग लाई है और कांग्रेस पार्टी उन राज्यों में जीतने में कामयाब रही है.