प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वह अपने जीवन के अंतिम क्षण तक जनता की सेवा में जुटे रहेंगे. पीएम मोदी ने यह बात किसी विशेष घटना के संदर्भ में नहीं कही, लेकिन उनका बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की 'मोदी का बाप भी जाएगा' वाली टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है. ऐसे में पीएम मोदी के बयान को इस विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है.
किसानों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश का हर नौजवान विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, लेकिन कुछ लोगों को यह अच्छा नहीं लग रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग देश को मुश्किल में देखकर खुश होते हैं और जब देश किसी चुनौती का सामना करता है तो वे अफवाहें फैलाने लगते हैं.
पीएम मोदी ने ईरान और खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का जिक्र करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जब भारत एकजुट होकर युद्ध के असर का सामना कर रहा है, तब कुछ लोग किसानों को खाद की कमी को लेकर डराने और महिलाओं को गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर भ्रमित करने में जुटे थे. प्रधानमंत्री ने कहा कि इन लोगों की कोशिश सिर्फ इतनी थी कि मोदी को बदनाम किया जाए. उन्होंने देशवासियों से ऐसी अफवाहों से सावधान रहने की अपील की.
पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध के बावजूद किसानों के लिए खाद की कमी नहीं होने दी गई. उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद की कीमत बढ़ने के बावजूद सरकार ने इसका बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया.
प्रधानमंत्री के मुताबिक दुनिया में जिस खाद की बोरी करीब 3,000 रुपये में मिलती है, उसे भारत में किसानों को करीब 300 रुपये में उपलब्ध कराया जाता है. उन्होंने डीएपी खाद का भी जिक्र किया और कहा कि दुनिया में इसकी कीमत 5,000 रुपये से ज्यादा है, जबकि भारतीय किसानों को यह 1,350 रुपये में मिलती है. पीएम मोदी ने कहा कि सरकार किसानों को यह राहत इसलिए दे रही है ताकि कृषि क्षेत्र मजबूत हो और किसानों का जीवन बेहतर बने.
प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त के तहत 18 हजार करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार ने किसानों को यूरिया संकट से बचाने के लिए 16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं. पीएम मोदी ने पिछले 12 वर्षों में धान और गेहूं की खरीद पर किसानों को मिली एमएसपी का भी उल्लेख किया. उनके अनुसार इस अवधि में किसानों को 24 लाख करोड़ रुपये की एमएसपी मिली है.
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने किसानों और देशवासियों को भरोसा दिलाया कि वह उनके साथ मजबूती से खड़े हैं. उन्होंने कहा कि वह जीवन के अंतिम क्षण तक जनता की सेवा करते रहेंगे. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब राजनीतिक बयानबाजी के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज है.