नई दिल्ली: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राज्य सरकार को भी संवाद का संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग उचित नहीं है. राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए इसे महंगा और दबाव वाला बताया. वहीं, झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की है.
राहुल गांधी ने सोमवार शाम कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है. उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार को छात्रों की समस्याएं सुननी चाहिए और समाधान के लिए संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए. इससे पहले सोशल मीडिया पर सवाल-जवाब के दौरान भी उनसे झारखंड के छात्र आंदोलन का समर्थन करने की अपील की गई थी. राहुल ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है, चाहे सरकार किसी भी दल की हो.
झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ख़िलाफ़ बल का इस्तेमाल ग़लत है।
छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है।
झारखंड सरकार को इन छात्रों की बात सुननी चाहिए और हर समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए।
The use of force against students…— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 10, 2026Also Read
झारखंड के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने विधानसभा में बताया कि आंदोलन की शुरुआत 14वीं JPSC परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के आरोपों से हुई. सरकार ने मामले की जांच CID को सौंपी थी. जांच के बाद JPSC के अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया और 19 लोगों की गिरफ्तारी हुई. मंत्री के अनुसार जांच एजेंसी ने डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य भी जब्त किए हैं, जिनसे मामले की जांच आगे बढ़ेगी.
मंत्री के मुताबिक छात्रों की प्रमुख मांगों में कथित गड़बड़ियों की जांच, परीक्षाएं रद्द करना और JPSC तथा JSSC की कार्यप्रणाली में सुधार शामिल हैं. सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा के अलावा 2023 और 2025 की बैकलॉग परीक्षाएं रद्द करने पर सहमति जताई है. सरकार ने जांच की निगरानी के लिए हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति बनाने का प्रस्ताव भी रखा था, लेकिन छात्रों ने इसे स्वीकार नहीं किया.
छात्रों ने आउटसोर्स एजेंसी TDPL के जरिए आयोजित कुल 13 परीक्षाओं को रद्द करने की मांग भी रखी है. मंत्री ने कहा कि जिन परीक्षाओं के परिणाम घोषित हो चुके हैं और उम्मीदवारों की नियुक्ति हो चुकी है, उन्हें रद्द नहीं किया जा सकता. हालांकि TDPL से जुड़ी परीक्षाओं में बड़ी गड़बड़ी सामने आने पर कार्रवाई का भरोसा दिया गया है. JSSC-CGL परीक्षा को लेकर सरकार ने कहा कि अदालत की निगरानी में हुई परीक्षा को रद्द करने का अधिकार उसके पास नहीं है.
विधानसभा में सुदिव्य कुमार ने आरोप लगाया कि BJP ने छात्रों के आंदोलन को अपने राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल किया और उन्हें 10 अगस्त के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए गुमराह किया. उन्होंने कहा कि आंदोलन अब केवल छात्रों का मुद्दा नहीं रह गया है. सरकार ने JPSC और JSSC की मानक संचालन प्रक्रिया में सुधार के लिए IIT-ISM धनबाद, IIM रांची और XLRI जमशेदपुर के विशेषज्ञों की मदद लेने का प्रस्ताव दिया है. मंत्री ने हिंसा होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी.