हवाई अड्डों पर महंगे खाने-पीने की शिकायतें लंबे समय से होती रही हैं, लेकिन अब इसमें बदलाव की शुरुआत दिख रही है. आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने मुंबई एयरपोर्ट से एक वीडियो साझा कर बताया कि उन्हें सिर्फ 10 रुपये में चाय मिली. यह अनुभव ‘उड़ान यात्री कैफे’ नाम की सरकारी पहल से जुड़ा है, जिसका उद्देश्य यात्रियों को किफायती और साफ-सुथरा खाना उपलब्ध कराना है. इस पहल ने यात्रियों के बीच नई उम्मीद जगाई है.
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 10 रुपये की चाय मिलने का वीडियो सामने आने के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है. राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करते हुए बताया कि लोग इस सुविधा से खुश हैं. यात्रियों ने इसे जेब के अनुकूल और उपयोगी बताया. आमतौर पर एयरपोर्ट पर महंगे दामों के बीच यह एक राहत भरा अनुभव माना जा रहा है.
Visited the Udaan Yatri café at Mumbai Airport and had chai for just ₹10.
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) March 30, 2026
Was flying to Delhi and wanted chai before the flight. Spoke to several travellers while I was there. All of them happy, all of them saying the same thing: Easy on the pocket, good service, value for… pic.twitter.com/wOelXZ2iZS
‘उड़ान यात्री कैफे’ केंद्र सरकार की एक पहल है, जिसे नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने मिलकर शुरू किया है. इसका मकसद एयरपोर्ट पर सस्ती कीमतों में अच्छा खाना और पेय उपलब्ध कराना है. इस योजना के तहत चाय, स्नैक्स और जरूरी खाने की चीजें आम लोगों की पहुंच में लाई जा रही हैं, जिससे यात्रा का अनुभव बेहतर हो सके.
इस पहल से पहले एयरपोर्ट पर खाने-पीने की चीजें काफी महंगी होती थीं. पानी की बोतल 100 रुपये तक और साधारण स्नैक्स 150 से 200 रुपये तक मिलते थे. मध्यम वर्ग के यात्रियों के लिए यह खर्च संभालना मुश्किल होता था. कई बार यात्रियों के पास महंगे दाम चुकाने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहता था, जिससे असंतोष बढ़ता था.
पहला ‘उड़ान यात्री कैफे’ दिसंबर 2024 में कोलकाता एयरपोर्ट पर शुरू हुआ था. इसकी सफलता के बाद सरकार 2026 तक इसे देश के ज्यादातर बड़े एयरपोर्ट्स पर शुरू करने की योजना बना रही है. यह पहल खासकर बजट यात्रियों और पहली बार उड़ान भरने वालों के लिए राहत लेकर आई है. इससे एयरपोर्ट सेवाओं में संतुलन और सुविधा दोनों बढ़ने की उम्मीद है.