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India Daily

बच्चों से वोट मांगने के आरोप में ‌घिरी सीएम विजय की पार्टी, मद्रास हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके पर चुनाव प्रचार में बच्चों का इस्तेमाल कर वोट मांगने का आरोप लगा है. मद्रास हाई कोर्ट ने मामले में चुनाव आयोग से जवाब तलब किया है.

Dhiraj Kumar Dhillon
बच्चों से वोट मांगने के आरोप में ‌घिरी सीएम विजय की पार्टी, मद्रास हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब
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अभिनेता से तमिलनाडू के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को बेशक जनता का खूब समर्थन मिला और उनकी सरकार भी बन गई, लेकिन मुश्किलें भी पीछे पड़ी हैं. अब तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार के दौरान उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) पर वोट मांगने के ल‌िए बच्चों का इस्तेमाल करने का आरोप लग रहा है. मामले में मद्रास हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब तलब किया है. कोर्ट ने अधिवक्ता वासुकी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान ये निर्देश दिए. याचिका में टीवीके और तमिलनाडु में विपक्षी दलों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं.

कोर्ट ने पूछा- राजनीतिक पार्टी अयोग्य घोषित हो सकती हैं?

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस जी‌आर स्वामीनाथन और जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए भारत निर्वाचन आयोग से पूछा है कि क्या राजनीतिक पार्टी को उसके भ्रष्ट आचरण के चलते अयोग्य घोषित किया जा सकता है? सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित निर्वाचन आयोग के अधिवक्ता से कोर्ट ने पूछा कि जैसे उम्मीदवार को अयोग्य घोषित किया जा सकता है, उसी तरह राजनीतिक पार्टी के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है, या नहीं? कोर्ट ने मामले को गंभीर बताते हुए ईसीआई के अधिवक्ता को निर्देश दिए हैं कि वे आयोग से निर्देश प्राप्त करें और कोर्ट का अवगत कराएं.

जानें क्या है बच्चों के इस्तेमाल का मामला?

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के दौरान सत्ताधारी पार्टी टीवीके ने 21 अप्रैल को वाईएमसीए मैदान में एक चुनावी रैली का आयोजन किया था. इस रैली में पार्टी की ओर से अपील की गई थी बच्चे अपने माता-पिता को समझाएं और उन्हें वोटिंग पसंद के लिए भावनात्मक रूप से प्रभावित करें. याचिका में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर बच्चों की अपने अभिभावकों से मनुहार के वीडियो भी वायरल हुए और चुनाव नतीजों के बाद मुख्यमंत्री विजय ने बच्चों का आभार भी जताया. अधिवक्ता वासुकी की पीआईएल में डीएमके और एआईडीएमके पर चुनाव के बदले कैश बांटने के आरोप लगाए गए हैं.

एक बार फिर बढ़ती दिख रहीं सीएम विजय की मुश्किलें

विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद विजय की टीवीके को पहले तो गवर्नर हाउस से सरकार बनाने का न्यौता नहीं मिला. वे दावा पेश करने पह‌ुंचे तो दो बार लौटाए, लेकिन आखिर उन्होंने राज्यपाल को अपने दावे से संतुष्ट कर न केवल सरकार बनाने का न्यौता पा लिया, बल्कि सरकार बनाने के बाद फ्लोर टैस्ट भी पास कर लिया. उसके बाद थलापति विजय लगातार विपक्षी दलों के निशाने पर तो हैं ही, अब हाई कोर्ट के ताजा मामले से भी उनकी मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं.