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‘मेरी चुप्पी की ये है असली वजह…’ ! NEET पेपर लीक मामले पर राघव चड्ढा ने तोड़ी चुप्पी

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आखिरकार NEET पेपर लीक मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी और साफ किया कि वह इतने समय तक इस मुद्दे पर खुलकर क्यों नहीं बोले.

Shilpa Shrivastava
‘मेरी चुप्पी की ये है असली वजह…’ ! NEET पेपर लीक मामले पर राघव चड्ढा ने तोड़ी चुप्पी
Courtesy: X

नई दिल्ली: राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आखिरकार NEET पेपर लीक मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी और साफ किया कि वह इतने समय तक इस मुद्दे पर खुलकर क्यों नहीं बोले. संसद में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि ऐसे गंभीर मामलों का समाधान सिर्फ टीवी डिबेट या मीडिया में बयान देने से नहीं होता, बल्कि सिस्टम को मजबूत करने से होता है. उनका कहना था कि पहले जब वह विपक्ष में थे, तब उनका काम सवाल उठाना था, लेकिन अब सरकार की तरफ आने के बाद उनकी जिम्मेदारी बदल गई है.

चड्ढा ने अपने भाषण में बताया कि पहले वह जनता की समस्याओं को जोर-शोर से उठाते थे और सरकार से जवाब मांगते थे. लेकिन अब जब उनकी भूमिका बदल चुकी है, तो उनका फोकस सवाल पूछने से ज्यादा समाधान देने पर है. उन्होंने कहा कि अब उनका उद्देश्य सिर्फ सुर्खियों में आना नहीं, बल्कि ऐसा स्थायी समाधान निकालना है जिससे भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों.

राघव चड्ढा ने खुद से किया था वादा:

राघव चड्ढा ने यह भी कहा कि उन्होंने खुद से वादा किया था कि वह इस मुद्दे पर तब तक नहीं बोलेंगे, जब तक सरकार इसके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा लेती. अब जब एंटी पेपर लीक बिल के जरिए सिस्टम को सुधारने की कोशिश हो रही है, तब उन्होंने इस विषय पर अपनी बात रखी. उनके अनुसार, यह सिर्फ बयानबाजी का मुद्दा नहीं बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है.

छात्रों का गुस्सा और निराशा पूरी तरह जायज- राघव चड्ढा

छात्रों को संबोधित करते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि उनका गुस्सा और निराशा पूरी तरह जायज है. उन्होंने बताया कि एक NEET छात्र अपनी पढ़ाई के लिए कितना संघर्ष करता है- घर से दूर जाकर कोचिंग करना, परिवार से दूर रहना, और माता-पिता का अपनी बचत खर्च करना—ये सब एक अच्छे भविष्य की उम्मीद में किया जाता है. ऐसे में अगर पेपर लीक हो जाए, तो यह सिर्फ परीक्षा का नुकसान नहीं बल्कि सपनों के टूटने जैसा होता है.

सरकार के कदमों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र ने इस मामले को गंभीरता से लिया और तेजी से कार्रवाई की. जांच को तेज किया गया और मात्र 75 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल की गई, जिससे यह साफ होता है कि सरकार इस मुद्दे पर सख्त है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों की बात एक अभिभावक की तरह सुनी और सिस्टम में बदलाव की दिशा में कदम उठाए.

चड्ढा ने बताया किस तरह बनाया जाएगा NEET परीक्षा को सुरक्षित:

चड्ढा ने कहा कि आने वाले समय में NEET परीक्षा को और सुरक्षित बनाने के लिए इसे कंप्यूटर आधारित किया जाएगा. इससे पेपर लीक की संभावना काफी कम हो जाएगी और परीक्षा प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी बनेगी. अपने भाषण में उन्होंने यह भी साफ किया कि पेपर लीक कोई एक राज्य या एक पार्टी की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे देश में फैली एक पुरानी बीमारी है. इसलिए इसे राजनीति से ऊपर उठकर देखना चाहिए. 

उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अलग-अलग राज्यों में भी इसी तरह की गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिससे यह साबित होता है कि यह एक सिस्टम की समस्या है, न कि किसी एक सरकार की. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कि इस समस्या के समाधान के लिए मिलकर काम करें और एंटी पेपर लीक कानून का समर्थन करें, ताकि छात्रों का भरोसा वापस आ सके और उनकी मेहनत सुरक्षित रह सके.