नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के प्रमुख चेहरे राघव चड्ढा और पार्टी नेतृत्व के बीच की दरार अब सार्वजनिक हो गई है. राज्यसभा में उपनेता के पद से अचानक हटाए जाने के फैसले के बाद राघव ने पार्टी के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है. शनिवार को जारी एक वीडियो में चड्ढा ने पार्टी के दावों को 'सफेद झूठ' करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ एक 'स्क्रिप्टेड' अभियान चलाया जा रहा है ताकि उनकी छवि और राजनीतिक साख को नुकसान पहुंचाया जा सके.
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी ने अचानक राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाकर उनकी जगह अशोक मित्तल को नियुक्त कर दिया है. इसके पीछे का कारण राघव की कथित चुप्पी को बताया गया है. विशेष रूप से शराब नीति मामले में जब मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल को निचली अदालत से राहत मिली, तब राघव की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई थी. पार्टी नेतृत्व का मानना है कि राघव कई महत्वपूर्ण राजनीतिक मौकों पर सक्रियता दिखाने में पूरी तरह विफल रहे हैं.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए वीडियो में राघव ने भावुक होते हुए कहा कि उनके खिलाफ एक समन्वित हमला किया जा रहा है. उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यह कोई संयोग नहीं है बल्कि एक सोची-समझी रणनीति है. पार्टी ने उन पर प्रधानमंत्री के खिलाफ बोलने से डरने और संसद में गंभीर विषयों के बजाय समोसे जैसे मामूली मुद्दों पर समय बर्बाद करने का विचित्र आरोप लगाया था, जिसका जवाब देते हुए राघव ने इसे हास्यास्पद करार दिया.
विपक्ष के वॉकआउट में शामिल न होने के आरोप पर राघव ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि यह एक 'सफेद झूठ' है और संसद परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज इसकी खुली गवाह हैं. उन्होंने पार्टी को चुनौती दी कि वे कम से कम एक ऐसा मौका दिखाएं जब उन्होंने सदन में विपक्षी मोर्चे का समर्थन न किया हो. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे संसद में हंगामा करने नहीं बल्कि जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए जाते हैं.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर न करने के आरोप पर भी राघव ने चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने सवाल किया कि आम आदमी पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से कम से कम 6-7 सांसदों ने भी उस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए थे, तो फिर केवल उन्हें ही बलि का बकरा क्यों बनाया जा रहा है? उन्होंने कहा कि यह भेदभावपूर्ण रवैया दर्शाता है कि पार्टी के भीतर कुछ लोग उनके खिलाफ व्यक्तिगत रंजिश के तहत काम कर रहे हैं.
अपने संसदीय कार्य का ब्यौरा देते हुए राघव ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण, सरकारी स्कूलों की गिरती स्थिति, पंजाब की समस्याओं और रेलवे यात्रियों की चिंताओं को प्रमुखता से उठाने का दावा किया. उन्होंने वीडियो के अंत में फिल्मी अंदाज में चेतावनी देते हुए कहा- 'घायल हूं, इसलिए घातक हूं.' यह संदेश स्पष्ट करता है कि पद से हटाए जाने के बाद भी वे चुप नहीं बैठेंगे और अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए हर संभव संघर्ष करेंगे.