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India Daily

राजस्थान-गुजरात के दौरे पर रहेंगे PM मोदी, सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण और सेमीकंडक्टर प्लांट की करेंगे शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज राजस्थान और गुजरात के दौरे पर हैं. जहां वह एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत और साणंद में माइक्रोन के सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन करेंगे.

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Edited By: Babli Rautela
राजस्थान-गुजरात के दौरे पर रहेंगे PM मोदी, सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण और सेमीकंडक्टर प्लांट की करेंगे शुरुआत
Courtesy: ANI

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजस्थान और गुजरात के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे. इस दौरे ने देश में स्वास्थ्य और तकनीक दोनों क्षेत्रों में नई ऊर्जा भर दी है. एक ओर अजमेर से महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर साणंद से भारत के सेमीकंडक्टर निर्माण क्षेत्र में नई शुरुआत हुई. प्रधानमंत्री सुबह लगभग 11:30 बजे अजमेर पहुंचेंगे. यहां उन्होंने 16680 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया. इन परियोजनाओं में राजमार्ग, शहरी विकास और पेयजल से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं.

यहीं से एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत होगी. यह टीका 14 साल की किशोरियों को लगाया जाएगा. इसका मकसद सर्वाइकल कैंसर से बचाव करना है. डॉक्टरों का कहना है कि यह टीका महिलाओं की जान बचाने में मदद करेगा. सरकार ने इसे स्वस्थ नारी विकसित भारत की दिशा में बड़ा कदम बताया है. इस अभियान से गांव और शहर दोनों जगह की बेटियों को फायदा मिलेगा.

युवाओं को मिला रोजगार

कार्यक्रम के दौरान कई नई योजनाएं शुरू हुईं. इससे स्थानीय विकास को गति मिलेगी. प्रधानमंत्री ने 21800 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए. इससे युवाओं में उत्साह देखा गया. सरकार ने रोजगार बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई.

साणंद में खुला सेमीकंडक्टर प्लांट

दोपहर बाद प्रधानमंत्री साणंद पहुंचेंगे. यहां माइक्रोन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के संयंत्र का उद्घाटन हुआ. यह कंपनी Micron Technology की भारतीय इकाई है. यह प्लांट सेमीकंडक्टर असेंबली टेस्ट और पैकेजिंग के लिए बनाया गया है. यहां भारत में बने मेमोरी मॉड्यूल का उत्पादन शुरू हो गया है. इससे देश की तकनीकी क्षमता मजबूत होगी.

इस परियोजना का शिलान्यास सितंबर 2023 में हुआ था. यह इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत पहला प्रस्ताव था. इस पर 22500 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश हुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह संयंत्र भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार में नई पहचान देगा. इससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा. इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की बढ़ती मांग के बीच यह कदम अहम है.