गुरुग्राम में पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की 37वीं वार्षिक आम बैठक आयोजित की गई. विद्युत मंत्रालय के अधीन महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम पावरग्रिड की यह बैठक 20 अगस्त 2026 को ऑनलाइन माध्यम से हुई. बैठक में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी और शेयरधारक वर्चुअल रूप से शामिल हुए. इस दौरान पावरग्रिड के मौजूदा प्रदर्शन, संचालन से जुड़ी उपलब्धियों और आने वाले समय की योजनाओं को लेकर अहम जानकारी साझा की गई.
बैठक की अध्यक्षता पावरग्रिड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक वम्सी राम मोहन बुर्रा ने की. उनके साथ निदेशक कार्मिक डॉ. यतींद्र द्विवेदी, निदेशक प्रचालन नवीन श्रीवास्तव, निदेशक वित्त अमोल टावरी और सरकार द्वारा नामित निदेशक अभय बाकरे मौजूद रहे. एजीएम के दौरान शेयरधारकों ने कंपनी के प्रदर्शन से जुड़े सवाल पूछे, जिनका प्रबंधन की ओर से जवाब दिया गया. शेयरधारकों ने कंपनी की प्रगति की सराहना भी की.
वार्षिक बैठक में पावरग्रिड की प्रमुख वित्तीय उपलब्धियों और परिचालन से जुड़े प्रदर्शन को सामने रखा गया. इसके साथ ही कंपनी की भविष्य की विकास योजनाओं पर भी चर्चा हुई. प्रबंधन ने तकनीकी नवाचार और अलग अलग पहलों की जानकारी शेयरधारकों के साथ साझा की. बैठक में कंपनी की मौजूदा स्थिति के साथ आगे की दिशा पर भी ध्यान केंद्रित किया गया, ताकि शेयरधारकों को पावरग्रिड की प्रगति की स्पष्ट जानकारी मिल सके.
एजीएम के दौरान शेयरधारकों को कंपनी के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर सवाल रखने का अवसर मिला. प्रबंधन ने उनके प्रश्नों का जवाब दिया और कंपनी से जुड़ी जानकारी साझा की. बैठक के बाद शेयरधारकों ने पावरग्रिड के प्रदर्शन की सराहना की. उन्होंने कंपनी के आगे भी इसी तरह लगातार विकास करने की उम्मीद जताई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं. बैठक में प्रबंधन और शेयरधारकों के बीच संवाद अहम हिस्सा रहा.
31 जुलाई 2026 तक पावरग्रिड 292 सब स्टेशनों का संचालन कर रहा था. कंपनी के ट्रांसमिशन नेटवर्क में 1,86,889 सर्किट किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइनें शामिल थीं. इसके अलावा पावरग्रिड की ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता 6,37,016 एमवीए तक पहुंच चुकी थी. ये आंकड़े कंपनी के मौजूदा ट्रांसमिशन बुनियादी ढांचे के विस्तार और संचालन का संकेत देते हैं. पावरग्रिड देश के बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
पावरग्रिड अपने संचालन में आधुनिक उपकरणों और नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है. कंपनी ने स्वचालन के साथ डिजिटल समाधानों के उपयोग को भी बढ़ाया है. इन तकनीकी प्रयासों के जरिए ट्रांसमिशन सिस्टम के संचालन को बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है. कंपनी के अनुसार, नवीन तकनीक और डिजिटल समाधानों के उन्नत इस्तेमाल ने उसके ट्रांसमिशन नेटवर्क की कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद की है.
कंपनी के मुताबिक, आधुनिक उपकरणों, तकनीक, स्वचालन और डिजिटल समाधानों के इस्तेमाल के चलते पावरग्रिड 99.81 प्रतिशत की औसत ट्रांसमिशन प्रणाली उपलब्धता बनाए रखने में सक्षम रहा है. यह आंकड़ा 31 जुलाई 2026 तक की स्थिति से जुड़ा है. कंपनी की वार्षिक बैठक में सामने आए प्रदर्शन के आंकड़े उसके मौजूदा नेटवर्क और परिचालन क्षमता की तस्वीर पेश करते हैं.