रुड़की जिला सहकारी बैंक के चुनाव को लेकर अब सियासी और सहकारी क्षेत्र की गतिविधियां तेज होने लगी हैं. चुनाव में 13 पदों के लिए प्रतिनिधियों का निर्वाचन होना है और इसके लिए कुल 165 मतदाता मतदान करेंगे. निर्वाचन कार्यक्रम के तहत मंगलवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है. नामांकन के साथ ही अलग अलग पदों पर दावेदारी करने वाले संभावित प्रत्याशियों की तस्वीर भी सामने आने लगेगी. चुनाव को लेकर बैंक से जुड़े सदस्यों में भी हलचल बढ़ गई है.
तैयार की गई मतदाता सूची में कुल 165 मतदाताओं को शामिल किया गया है. यही मतदाता निर्धारित चुनाव प्रक्रिया के तहत अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. इन मतदाताओं के वोट से जिला सहकारी बैंक के 13 पदों पर प्रतिनिधियों का चुनाव होगा. अब सभी की नजर नामांकन प्रक्रिया पर है, क्योंकि प्रत्याशियों के नाम सामने आने के बाद चुनाव की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी.
निर्वाचन कार्यक्रम के अगले चरण में मंगलवार से प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल किए जाएंगे. उम्मीदवार निर्धारित नियमों के अनुसार अपने नामांकन पत्र जमा करेंगे. इसके बाद निर्वाचन कार्यक्रम के मुताबिक जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी. नामांकन पत्रों की जांच समेत आगे की प्रक्रिया भी तय नियमों के अनुसार होगी. चुनाव अधिकारी जितेंद्र कुमार को पूरी निर्वाचन प्रक्रिया की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
चुनाव अधिकारी जितेंद्र कुमार की देखरेख में नामांकन से लेकर निर्वाचन की आगे की कार्रवाई पूरी कराई जाएगी. अधिकारियों के स्तर पर चुनाव को निर्धारित नियमों के अनुसार कराने की तैयारी की जा रही है. मतदाता सूची तैयार होने और नामांकन शुरू होने के साथ ही चुनावी गतिविधियों में और तेजी आने की उम्मीद है. संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता भी बढ़ने लगी है.
13 पदों के लिए होने वाले चुनाव में कौन-कौन मैदान में उतरता है, इसे लेकर सहकारिता क्षेत्र में चर्चा शुरू हो गई है. अलग-अलग पदों पर दावेदारी को लेकर संभावित प्रत्याशियों के बीच संपर्क और तैयारियां तेज होने की संभावना है. नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद सामने आने वाले उम्मीदवारों से चुनाव का मुकाबला और समीकरण भी स्पष्ट होंगे. फिलहाल मतदाताओं और प्रत्याशियों की निगाहें नामांकन पर टिकी हैं.
सोमवार को मतदाता सूची के प्रकाशन में हुई देरी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर दिए. दोपहर 3 बजे सूची प्रकाशित होनी थी, लेकिन रात 9 बजे तक इसे चस्पा नहीं किया गया. इसी को लेकर तहसील मुख्यालय पर देर रात हंगामा हुआ. पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का काम किया जा रहा है. बाद में रात करीब 9:30 बजे सूची चस्पा कर दी गई.