नई दिल्ली: राज्यसभा में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेस्ट एशिया में जारी युद्ध पर विस्तृत जानकारी दी और इसके भारत पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि यह संघर्ष चिंताजनक है और इसका असर लंबे समय तक बना रह सकता है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी तरह सतर्क है और देश के हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि वेस्ट एशिया में चल रहा युद्ध वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट पैदा कर रहा है. इसके चलते पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है. भारत जैसे देश जो ऊर्जा के लिए आयात पर निर्भर हैं, उनके लिए यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है. उन्होंने बताया कि युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग भी प्रभावित हुए हैं, जिससे जरूरी वस्तुओं की सप्लाई बाधित हो रही है.
Speaking in the Rajya Sabha. https://t.co/NAcbZLZq7P
— Narendra Modi (@narendramodi) March 24, 2026
पीएम मोदी ने खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz का जिक्र किया, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही मुश्किल हो गई है और कई जहाज वहीं फंसे हुए हैं. इन जहाजों में बड़ी संख्या में भारतीय क्रू मेंबर भी मौजूद हैं, जो चिंता का विषय है.
उन्होंने बताया कि भारत वेस्ट एशिया के सभी संबंधित देशों और US के साथ लगातार संपर्क में है. प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने वेस्ट एशिया के नेताओं के साथ दो दौर की बातचीत की है और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और तनाव कम करने की अपील की है.
प्रधानमंत्री ने खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि लगभग 1 करोड़ भारतीय इन देशों में रहते और काम करते हैं, जिनकी सुरक्षा भारत सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3,75,000 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है. इनमें Iran से 1,000 से अधिक लोग शामिल हैं, जिनमें 700 से ज्यादा मेडिकल छात्र हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि इस कठिन समय में भारत सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है और हर भारतीय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने संसद के सभी सदस्यों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर एकजुट होकर शांति और संवाद का संदेश दें.