प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा खर्च कम करने की अपील के बाद खुद मिसाल पेश की. बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी केवल दो गाडियों के साथ अपने घर से निकले. पीएम मोदी को केंद्रीय कैबिनेट की मीटिंग में जाना था, इस दौरान एक गाड़ी में अपने स्टाफ के साथ वह खुद सवार हुए और दूसरी गाड़ी प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगे एसपीजी वाले. काफिले की गाडियों की संख्या कम करने पर प्रधानमंत्री की इस पहल की खूब चर्चा हो रही है.
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi has reduced his convoy size significantly. Reduction in vehicles was done while maintaining essential security components as per SPG protocol. pic.twitter.com/kuC9OfyAxN
— ANI (@ANI) May 13, 2026Also Read
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान देशवासियों से अपील की थी कि अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए हमें पेट्रोल- डीजल की बचत करनी होगी. उन्होंने देशवासियों से अपील की थी कि कम से कम एक साल तक लोग सोना खरीदने से बचें और विदेश यात्राओं पर भी विराम लगाने का प्रयास करें. दरअसल अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते तेल आयात प्रभावित हुआ है और साथ ही कच्चे तेल की कीमतें भी काफी बढ़ गई हैं. ऐसे में देशवासियों को मितव्ययी होना जरूरी है.
हालांकि पीएम मोदी की इस अपील पर विपक्षियों ने राजनीति करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन बुधवार को प्रधानमंत्री ने अपना काफिला छोटा कर न केवल विपक्षियों की बोलती बंद कर दी बल्कि प्रेरणा भी बने हैं. कई लोगोंं ने इस अपील के बाद कयास लगाने शुरू कर दिए कि देश में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं. मंगलवार को केंद्र सरकार के मंत्री हरदीप पुरी के बयान से इन कयासों को और बल मिला. हरदीप पुरी ने कहा था कि तेल की कीमतों में वृद्धि को ज्यादा दिन तक नहीं रोका जा सकता. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उछाल से तेल कंपनियों को रोज 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है.
पीएम की अपील के बाद केंद्र सरकार के कई मंत्रियों और यूपी व दिल्ली समेत कई मुख्यमंत्रियों ने भी अपने काफिले में कटौती की है. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आपात समय में वर्क फ्रॉम होम और ऑन लाइन क्लासेस शुरू करने की बात भी कही है. ऊधर चर्चा यह भी शुरू हो गई है कि मौजूदा परिस्थितियों के चलते सरकार तेल पर राशनिंग व्यवस्था लागू कर सकती है.
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर पुनः सिद्ध किया है कि वे सही मायने में देश के 'प्रधानसेवक' हैं। जब नेतृत्व स्वयं मिसाल पेश करता है, तो वह जन-आंदोलन बन जाता है।
— Nitin Nabin (@NitinNabin) May 13, 2026
वैश्विक चुनौतियों के बीच संसाधनों का सही उपयोग अत्यंत आवश्यक है।…
प्रधानमंत्री मोदी के अपना काफिला कम करने की पहल की तारीफ करते हुए बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा है कि पीएम की पहल जल्द ही जनांदोलन बन सकती है. उन्होंने एक बार फिर प्रधान सेवक वाली भूमिका को साबित कर दिया है. यह बात उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कही. नितिन नवीन ने कहा है कि प्रधानमंत्री की इस पहले से तमाम लोग प्रेरित होंगे. वैश्विक चुनौतियों के बीच संसाधनों का सीमित उपयोग जरूर है और मैंने भी अपने काफिले को छोटा करने का मन बनाया है.