राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जमकर हंगामा बरपा है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खढ़गे ने कहा है कि राषट्र्पति संसद का सबसे अहम हिस्सा हैं, उनका सम्मान है लेकिन उनके भाषण में अल्पसंख्यक वर्ग के लिए कुछ भी नहीं था. उन्होंने धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि राष्ट्रपति संसद का सबसे अहम हिस्सा हैं, हम उनका सम्मान करते हैं. इस साल राष्ट्रपति का पहला अभिभाषण 31 जनवरी और दूसरा 27 जून को हुआ था। पहला अभिभाषण चुनावी और दूसरा उसकी कॉपी थी.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में न तो कोई विजन और न ही कोई दिशा था. उनके अभिभाषण में दलित, अल्पसंख्यक वर्ग और पिछड़े वर्ग के लिए कुछ नहीं था. हमें भरोसा था राष्ट्रपति कमजोर तबकों के लिए संदेश देंगी. गरीब, दलित और पिछड़ों के लिए कुछ भी नहीं है. पिछली बार की तरह ये केवल तारीफ के फूल बांधने वाला रहा है. तभी अचानक मल्लिकार्जुन खड़गे ने कुछ ऐसा कहा कि जिस पर पूरा सदन हंस पड़ा.
उन्होंने कहा, 'इतनी तारीफ दो हमारे द्विवेदी जी..कभी कभी कन्फ्यूजन होता है कि द्विवेदी त्रिवेदी..माफ कीजिए मैं दक्षिण से आता हूं. इन शब्दों से मैं ज्यादा वाकिफ नहीं हूं.' तभी सभापति जगदीप धनखड़ कहते हैं कि क्या हमें द्विवेदी त्रिवेदी और चतुर्वेदी क्या हैं, इस पर चर्चा करा लेनी चाहिए. इसके जवाब में मल्लिकार्जुन खड़गे कहते हैं, 'द्विवेदी बोले तो जो दो वेद पढ़ा वो पंडित है, द्विवेदी है. त्रिवेदी बोले तो तीन वेद. अब जो चौथा वेद पढ़कर आएगा, उसे देखेंगे वो चतुर्वेदी.'
दरअसल मल्लिकार्जुन खड़गे, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर सुधांशु त्रिवेदी के भाषण का जिक्र कर रहे थे. उन्होंने उन पर तंज कसते हुए कहा, 'उन्होंने खूब तारीफ की, वे तारीफ करने में माहिर हैं. वे उर्दू का इस्तेमाल करने में माहिर हैं लेकिन उन लोगों से नफरत करते हैं. जबसे वे बीजेपी में आए, संघ की तारीफ करते रहे हैं. मोदी साहब की तारीफ करते रहते हैं.' बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर कई गंभीर सवाल उठाए थे.'
संसद में मल्लिकार्जुन खड़गे की स्पीच पर जमकर हंसी ठिठोली हुई. संसद में विपक्ष नीट और ईडी-सीबीआई के दुरुपयोग पर चर्चा चाहता है. मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मांग की है कि इस पर चर्चा हो. संसद भवन के बाहर भी विपक्षी दलों के नेताओं ने जमकर हंगामा किया. विपक्ष चाहता है कि नीट की परीक्षा रद्द हो और धांधली करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन लिया जाए.
राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने संघ और बीजेपी के खिलाफ जमकर बोला. उन्होंने देश संघ की विचारधारा को देश के लिए खतरनाक बताया तो उन्हें सभापति ने टोक दिया. उन्होंने कहा कि संघ देश के लिए काम करता है. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'संघ की विचारधारा मनुवादी है. पीएम मोदी ने पिछले दस साल अपनी सरकार को कभी बीजेपी की सरकार नहीं कहा. वह मोदी की सरकार कहते रहे. अब अपनी सरकार को एनडीए की सरकार कह रहे हैं.'