IAS Manoj Ahuja: एक दिन पहले यानी 30 जून को प्रदीप कुमार जेना ओडिशा के मुख्य सचिव के पद से रिटायर्ड हो गए. उनकी जगह भाजपा की नई सरकार ने 1990 बैच के आईएएस अफसर मनोज आहूजा को नया चीफ सेक्रेटरी नियुक्त किया है. दो दशक बाद ये पहली बार होगा, जब किसी बाहरी को ओडिशा का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है. मनोज आहूजा के पास अच्छा-खासा प्रशासनिक अनुभव है. उन्हें आखिरी बार केंद्रीय कृषि सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था. 1990 बैच के ओडिशा कैडर के आईएएस अधिकारी मनोज आहूजा को फरवरी 2022 में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग का ओएसडी नियुक्त किया गया था.
हरियाणा के मूल निवासी मनोज आहूजा 2017 से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे. उन्हें राज्य सरकार के अनुरोध पर मूल कैडर, ओडिशा में वापस भेज दिया गया है. आहूजा दो दशकों में राज्य के शीर्ष प्रशासक के रूप में सेवा करने वाले ओडिशा के बाहर के पहले व्यक्ति होंगे. इससे पहले वे लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (एलबीएसएनएए) के विशेष निदेशक और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं.
राज्य सरकार में अपनी सेवा के दौरान, मनोज आहूजा सहकारिता, इस्पात एवं खान, खेल एवं युवा मामले तथा खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण जैसे प्रमुख विभागों के सचिव रह चुके हैं. इसके अलावा, मनोज आहूजा वाणिज्यिक कर आयुक्त के रूप में काम किया था. आहूजा को केंद्र से वापस बुलाकर मुख्य सचिव नियुक्त किया जाना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि नई भाजपा सरकार में अधिकांश मंत्रियों के पास विभागों को संभालने का अनुभव नहीं है.
आहूजा की भूमिका न केवल भाजपा के चुनावी वादों के सफल क्रियान्वयन के मामले में महत्वपूर्ण होगी, बल्कि मोहन माझी सरकार में विभिन्न विभागों में सीनियर आईएएस अधिकारियों और जिला कलेक्टरों को चुनने में भी उनकी अहम भूमिका होगी. चूंकि मुख्यमंत्री ने अभी तक अपनी टीम का चयन नहीं किया है, इसलिए आहूजा के मुख्य सचिव के रूप में शामिल होने के बाद नियुक्तियां होने की उम्मीद है.
सूत्रों ने बताया कि ओडिशा सरकार ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की सलाह पर आहूजा की वापसी के लिए केंद्र को पत्र लिखा था. एक सीनियर ब्यूरोक्रेट्स ने कहा कि नई सरकार ने अभी तक पूरी तरह से काम करना शुरू नहीं किया है. ये अभी भी स्पष्ट नहीं है कि पिछली बीजेडी सरकार की ओर से लाई गई सभी योजनाएं जारी रहेंगी या नहीं. इन मामलों में आहूजा की सलाह महत्वपूर्ण होगी.
नाबार्ड पर उनके प्रोफाइल के अनुसार, आहूजा के पास थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, पटियाला से बीई (मैकेनिकल) की डिग्री, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से एमबीए और हार्वर्ड विश्वविद्यालय, अमेरिका से लोक प्रशासन (अंतर्राष्ट्रीय विकास) में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री है.