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सीएम विजय पर टिप्पणी पड़ी भारी, डीएमके विधायक की गिरफ्तारी से तमिलनाडु में मचा सियासी तूफान

तमिलनाडु में डीएमके विधायक और पूर्व मंत्री अनिता आर राधाकृष्णन को मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय पर कथित मानहानिकारक टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार किया गया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
सीएम विजय पर टिप्पणी पड़ी भारी, डीएमके विधायक की गिरफ्तारी से तमिलनाडु में मचा सियासी तूफान
Courtesy: @ANI X Account

चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में शुक्रवार को उस समय हलचल मच गई जब पूर्व मंत्री और डीएमके विधायक अनिता आर राधाकृष्णन को पुलिस ने मानहानि के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी से ठीक पहले मद्रास हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी. यह मामला मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है. गिरफ्तारी के बाद तूतीकोरिन जिले में डीएमके कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और सरकार पर विपक्ष को निशाना बनाने का आरोप लगाया.

जानकारी के अनुसार यह मामला 20 जून को तूतीकोरिन जिले के अथूर में आयोजित डीएमके की एक जनसभा में दिए गए कथित बयान से जुड़ा है. पुलिस ने राधाकृष्णन के खिलाफ मानहानि और विवाद भड़काने से जुड़े आरोपों में मामला दर्ज किया था. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी.

हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान क्या कहा?

मद्रास हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति जीके इलंथिरैयन ने राधाकृष्णन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी. अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि तमिलनाडु में वर्ष 1967 से फिल्म जगत से जुड़े नेताओं ने शासन किया है और कथित भाषण की प्रकृति पर भी सवाल उठाए. अदालत के फैसले के बाद पुलिस ने गिरफ्तारी की कार्रवाई की.

पुलिस ने क्या बताया?

पुलिस के मुताबिक राधाकृष्णन अथूर टाउन पंचायत में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे थे. उन्होंने पंचायत कार्यालय और नए भवन का निरीक्षण किया. निरीक्षण पूरा कर बाहर निकलते ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय ले जाया गया.

गिरफ्तारी की खबर फैलते ही डीएमके कार्यकर्ता मौके पर जमा हो गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. प्रदर्शनकारियों ने कुछ समय के लिए सड़क जाम भी किया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और बाद में हालात सामान्य किए गए.

डीएमके सांसद कनिमोझी ने क्या कहा?

डीएमके सांसद कनिमोझी ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक बदले की भावना से उठाया गया कदम बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस का इस्तेमाल विपक्ष की आवाज दबाने के लिए कर रही है. कनिमोझी ने कहा कि डीएमके ऐसे दबाव में झुकने वाली नहीं है और लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी.

फिलहाल मामले की जांच जारी है. पुलिस जांच के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी. वहीं अदालत में भी इस मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी. इस गिरफ्तारी के बाद तमिलनाडु में राजनीतिक माहौल और गर्म होने की संभावना है तथा आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना रह सकता है.