share--v1

NIT की प्रोफेसर ने किया गोडसे का गुणगान, केरल पुलिस ने दर्ज की FIR

NIT कालीकट हाल ही में इस वक्त विवादों में आया था, जब अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन यानी 22 जनवरी को एक छात्र को जश्न मनाने से रोक दिया गया था. मामले की जानकारी के बाद कॉलेज की ओर से विरोध करने वाले छात्र को निलंबित कर दिया गया था.

auth-image
Om Pratap
फॉलो करें:

NIT Calicut professor Dr A Shaija praising Godse: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी NIT की एक महिला प्रोफेसर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर नाथूराम गोडसे का गुणगान कर दिया. मामले की जानकारी के बाद केरल पुलिस ने कालीकट NIT की महिला प्रोफेसर के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया और आगे की कार्रवाई में जुट गई. आरोप है कि महिला प्रोफेसर डॉक्टर ए शैजा ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर फेसबुक पर पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा- भारत को बचाने के लिए गोडसे पर गर्व है. उन्होंने आगे लिखा कि गोडसे एक स्वतंत्रता सेनानी थे. हालांकि, बाद में डॉक्टर शैजा ने इस पोस्ट को हटा दिया था.

मामले की जानकारी के बाद केरल पुलिस की जांच में सामने आया कि केरल की एक वकील कृष्णा राज ने फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि हिंदू महासभा के कार्यकर्ता नाथूराम विनायक गोडसे भारत में कई लोगों के नायक हैं. इसी पोस्ट पर NIT की महिला प्रोफेसर डॉक्टर शैजा ने कमेंट किया था. डॉक्टर शैजा का कमेंट कुछ ही देर में वायरल हो गया और उसका स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर किया जाने लगा. इसकी जानकारी के बाद डॉक्टर शैजा ने अपने कमेंट को हटा दिया. 

CPI (M) ने महिला प्रोफेसर को बर्खास्त करने की मांग की

CPI (M) की युवा शाखा DYFI ने शनिवार को महिला प्रोफेसर डॉक्टर शैजा को बर्खास्त करने की मांग की. वहीं, स्थानीय कांग्रेस सांसद एमके राघवन ने एक्स पर पोस्ट किया और लिखा कि मुझे NIT में एक जिम्मेदार पद पर बैठे किसी भी शख्स से महात्मा गांधी के खिलाफ अनुचित टिप्पणी और गोडसे की प्रशंसा सुनकर शर्म आती है. उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों की ओर से महिला प्रोफेसर के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए.

NIT कालीकट के डायरेक्टर को लिखे पत्र में सांसद ने कहा कि इस तरह के बयान न केवल हमारे संस्थान की शैक्षणिक अखंडता पर खराब प्रभाव डालते हैं बल्कि उन मूल्यों को भी कमजोर करते हैं जिन्हें हम बनाए रखने का प्रयास करते हैं. यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि हमारा शैक्षणिक वातावरण समावेशी, सम्मानजनक और किसी भी प्रकार की असहिष्णुता या घृणास्पद भाषण से मुक्त रहे.

डॉक्टर शैजा के खिलाफ इस धारा में दर्ज की गई शिकायत

इस बीच, कुन्नमंगलम पुलिस ने प्रोफेसर के खिलाफ तीन संगठनों की शिकायत के बाद आईपीसी की धारा 153 (दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया. वहीं, पूरे मामले को लेकर डॉक्टर शैजा का कहना है कि मेरी टिप्पणी गांधीजी की हत्या की सराहना करने के लिए नहीं थी. मैं ऐसा कभी नहीं करना चाहती थी. मैंने गोडसे की किताब पढ़ी थी, मैंने गांधी को क्यों मारा? गोडसे एक स्वतंत्रता सेनानी भी थे. उनकी किताब में बहुत सारी जानकारियां और खुलासे हैं, जो आम आदमी नहीं जानता. मैंने वकील की फेसबुक पोस्ट पर टिप्पणी की थी. जब मुझे एहसास हुआ कि लोगों ने मेरी टिप्पणी को तोड़-मरोड़ कर पेश करना शुरू कर दिया है तो मैंने उसे हटा दिया.

 

Also Read

First Published : 04 February 2024, 10:01 AM IST