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NEET पेपर लीक मामले में CBI ने दाखिल की चार्जशीट, NTA के 3 एक्सपर्ट समेत 13 लोगों पर आरोप

नीट यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई ने 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. इसमें एनटीए के तीन विषय विशेषज्ञ भी शामिल हैं. एजेंसी ने 360 गवाह, 422 दस्तावेज और 43 अहम सबूत अदालत के सामने पेश किए हैं.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
NEET पेपर लीक मामले में CBI ने दाखिल की चार्जशीट, NTA के 3 एक्सपर्ट समेत 13 लोगों पर आरोप
Courtesy: social media

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है. एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान पेपर लीक की पूरी साजिश और उससे जुड़े लोगों की पहचान की गई है.

13 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल

सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा ने राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में यश यादव, मंगलिलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रह्लाद कुलकर्णी, तेजस हर्षदकुमार शाह, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवालदार को आरोपी बनाया है. सीबीआई के अनुसार, मामले में गिरफ्तार सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. अब इस चार्जशीट पर आगे की सुनवाई पेपर लीक मामलों के लिए गठित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी. एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान लीक से जुड़ी पूरी श्रृंखला का पता लगाया गया है.

एनटीए के तीन विशेषज्ञ भी आरोपियों में शामिल

चार्जशीट में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जुड़े तीन विषय विशेषज्ञों के नाम भी शामिल हैं. इनमें बायोलॉजी विशेषज्ञ मनीषा मंधारे, केमिस्ट्री विशेषज्ञ प्रह्लाद विठ्ठलराव कुलकर्णी और फिजिक्स विशेषज्ञ मनीषा संजय हवालदार शामिल हैं. इसके अलावा कई बिचौलियों और दो कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. सीबीआई का आरोप है कि इन लोगों ने कथित रूप से लीक प्रश्नपत्र हासिल करने और उसे अभ्यर्थियों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई। जांच एजेंसी का दावा है कि प्रश्नपत्र के स्रोत और उसके प्रसार से जुड़े लोगों की पहचान कर ली गई है.

360 गवाह, 422 दस्तावेज और 43 अहम सबूत

सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 महत्वपूर्ण सबूतों को शामिल किया है. एजेंसी ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात, सबूत मिटाने, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट, 2024 सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की है. एजेंसी के अनुसार, जांच में डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट, हैंडराइटिंग विशेषज्ञों की राय और विषय विशेषज्ञों की रिपोर्ट को भी शामिल किया गया है, जिनके आधार पर आरोपों को मजबूत करने का दावा किया गया है.

देशभर में छापेमारी, जांच अभी जारी

सीबीआई के अनुसार, केंद्र सरकार के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत मिलने के बाद 12 मई 2026 को मामला दर्ज किया गया था. जांच के लिए 72 अधिकारियों और आठ साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीमें बनाई गईं. महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में 92 स्थानों पर छापेमारी कर मोबाइल फोन, लैपटॉप, डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए. एजेंसी ने आरोपियों के बैंक खाते, बैंक लॉकर और एक डीमैट खाते को भी फ्रीज किया है. सीबीआई का कहना है कि जांच अभी जारी है और फॉरेंसिक विश्लेषण तथा नए तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है.