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India Daily

'पेपर लीक कराने वालों की खैर नहीं', 10 करोड़ रुपये का लग सकता है जुर्माना; सख्त कानून बनाने की तैयारी में सरकार

देशभर में NEET-UG पेपर लीक को लेकर जारी विरोध के बीच केंद्र सरकार परीक्षा में धोखाधड़ी रोकने के लिए नया कानून लाने की तैयारी में है. प्रस्तावित कानून में तीन महीने के भीतर मामलों का निपटारा, 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया जा सकता है.

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Edited By: Shanu Sharma
'पेपर लीक कराने वालों की खैर नहीं', 10 करोड़ रुपये का लग सकता है जुर्माना; सख्त कानून बनाने की तैयारी में सरकार
Courtesy: ANI

NEET पेपर लीक विवाद के बाद देशभर में उठे विरोध और छात्रों की नाराजगी के बीच केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है. सूत्रों के अनुसार सरकार एक नया और सख्त कानून लाने पर काम कर रही है, जिसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली धांधली पर प्रभावी रोक लगाना और दोषियों को जल्द सजा दिलाना है.

प्रस्तावित कानून में पेपर लीक के मामलों के लिए विशेष न्यायिक व्यवस्था बनाने का प्रावधान रखा गया है ताकि लंबी कानूनी प्रक्रिया के बजाय तय समय के भीतर मामलों का निपटारा किया जा सके. सरकार का मानना है कि इससे परीक्षा प्रणाली में छात्रों का भरोसा मजबूत होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा.

तीन महीने में फैसला सुनाने की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित कानून के तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों में कराई जाएगी. इन अदालतों को इस तरह के मामलों पर तीन महीने के अंदर सुनवाई पूरी करने का फैसला सुनाया गया है. सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऐसे मामलों में न्याय मिलने में वर्षों का समय न लगे और दोषियों को शीघ्र सजा मिल सके. विशेषज्ञों का मानना है कि समयबद्ध न्यायिक प्रक्रिया से न केवल जांच एजेंसियों की जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि परीक्षा माफिया पर भी कड़ा दबाव बनेगा.

10 साल तक जेल और 10 करोड रुपये तक जुर्माने का प्रस्ताव

प्रस्तावित कानून में सजा के प्रावधान भी काफी कठोर रखे गए हैं. सूत्रों के अनुसार, जो भी व्यक्ति पेपर लीक में संलिप्त पाता है उसे 10 साल की सजा हो सकती है या फिर 10 करोड़ का जुर्मान भी लगत है.

यदि कोई व्यक्ति पेपर लीक या संगठित परीक्षा धोखाधड़ी में दोषी पाया जाता है तो उसे 10 साल तक की कैद हो सकती है. इसके साथ ही 10 करोड रुपये तक का जुर्माना लगाने का भी प्रस्ताव है. माना जा रहा है कि अगर यह कानून का रुप लेता है तो यह परीक्षा से जुड़ी धोखाधड़ी के खिलाफ अब तक के सबसे सख्त कानूनी प्रावधानों में से एक होगा. NEET पेपर लीक मामले के बाद कई राज्यों में छात्रों और विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए हैं.

छात्रों की मांग रही है कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित और जवाबदेह बनाया जाए ताकि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो. केंद्र सरकार लगातार यह दोहरा रही है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. सरकार का कहना है कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रस्तावित कानून को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और भरोसा दोनों मजबूत होने की उम्मीद है.