पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना (माताएं-बेटियां सम्मान योजना) तेजी से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार का मानना है कि मजबूत महिलाओं के बिना पंजाब को समृद्ध और मजबूत नहीं बनाया जा सकता. इसी सोच के साथ शुरू की गई यह योजना अब हजारों परिवारों के लिए खुशियों का स्रोत बन गई है.
इस योजना के तहत पंजाब की हर योग्य महिला को हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है. अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं. जुलाई 2026 से इस योजना की पहली किस्तें सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर होनी शुरू हो गई हैं. कई परिवारों में पहली बार नियमित आय का सिलसिला शुरू हुआ है, जिससे घरेलू जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं.
योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि महिलाएं अब खुद को सम्मानजनक महसूस कर रही हैं. पहले कई घरों में महिलाओं को छोटी-मोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था. अब मां-बहन-बेटियां अपनी छोटी-मोटी जरूरतें खुद पूरी कर पा रही हैं. बच्चों की पढ़ाई, घर का सामान, दवाइयां और रसोई का खर्च आसानी से चल रहा है. कई महिलाओं ने बताया कि इस राशि से वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं.
ਘਰਾਂ 'ਚ ਖ਼ੁਸ਼ੀਆਂ ਦਾ ਖ਼ਜ਼ਾਨਾ ਬਣ ਰਹੀ ਮਾਵਾਂ ਧੀਆਂ ਸਤਿਕਾਰ ਯੋਜਨਾ!
ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦੀਆਂ ਲੋੜਾਂ ਦੀ ਹੋ ਰਹੀ ਪੂਰਤੀ ਅਤੇ ਅਨੇਕਾਂ ਪਰਿਵਾਰਾਂ 'ਚ ਜੁੜ ਰਹੇ ਨਵੇਂ ਸਾਧਨ, ਕਿਉਂ ਕਿ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਮੰਨਣਾ ਹੈ ਕਿ ਮਜ਼ਬੂਤ ਔਰਤਾਂ ਸਦਕਾ ਹੀ ਬਣੇਗਾ ਮਜ਼ਬੂਤ ਅਤੇ ਖ਼ੁਸ਼ਹਾਲ ਪੰਜਾਬ pic.twitter.com/ITSSTjy9K2— AAP Punjab (@AAPPunjab) July 24, 2026Also Read
एक लाभार्थी महिला ने बताया- 'पहले महीने के अंत में पैसे खत्म हो जाते थे. अब हर महीने तय राशि आ रही है. इससे घर में शांति बढ़ी है और बच्चों को अच्छा खाना मिल रहा है.' ऐसी ही कई कहानियां पूरे पंजाब से आ रही हैं. योजना ने न सिर्फ आर्थिक मदद दी है, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान को भी नई ऊंचाई दी है.
मुख्यमंत्री भगवंत मान बार-बार कहते हैं कि माताओं और बहनों का आशीर्वाद ही हर मुश्किल को आसान बना सकता है. सरकार का लक्ष्य है कि महिलाएं आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनें. इस योजना के अलावा महिलाओं के लिए अन्य सुविधाएं भी चलाई जा रही हैं, जैसे मुफ्त बस यात्रा आदि. करीब 40 लाख महिलाओं ने इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पंजाब की महिला आबादी का बड़ा हिस्सा है.