नई दिल्ली: देश के सात राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की आठ विधानसभा सीटों पर कल यानी मंगलवार को उपचुनाव के लिए मतदान होगा. इनमें जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, मिजोरम और ओडिशा शामिल हैं. इन उपचुनावों के नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे. चुनाव आयोग ने सभी निर्वाचन क्षेत्रों में सुरक्षा और मतदान की तैयारियां पूरी कर ली हैं.
जम्मू-कश्मीर के बडगाम और नगरोटा सीटों पर इस बार मुकाबला दिलचस्प रहेगा. उमर अब्दुल्ला के इस्तीफे के बाद बडगाम की सीट खाली हुई थी. उमर अब्दुल्ला ने 2024 के विधानसभा चुनाव में बडगाम और गांदेरबल, दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी, जिसके बाद उन्होंने एक सीट छोड़ दी. वहीं, नगरोटा सीट भाजपा विधायक देवेंद्र सिंह राणा के निधन के बाद रिक्त हुई थी. इन दोनों सीटों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस, भाजपा और पीडीपी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है.
झारखंड के घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में सत्ताधारी झामुमो और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की प्रतिष्ठा भी इस सीट से जुड़ी मानी जा रही है. पंजाब के तरनतारन में उपचुनाव आम आदमी पार्टी के विधायक कश्मीर सिंह सोहल के निधन के कारण हो रहा है. यहां कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अकाली दल के बीच त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना है.
राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर भी चुनावी माहौल गर्म है. यह सीट भाजपा विधायक कंवर लाल मीणा की अयोग्यता के बाद खाली हुई थी. भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने वरिष्ठ नेताओं को प्रचार में झोंक दिया है. तेलंगाना के जुबली हिल्स में सत्ताधारी कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधे मुकाबले के आसार हैं.
मिजोरम की डम्पा और ओडिशा की नुआपाड़ा सीटों पर भी स्थानीय मुद्दे हावी हैं. मिजोरम में शासक पार्टी MNF और ज़ोरम पीपुल्स मूवमेंट के बीच संघर्ष है, जबकि ओडिशा में बीजद का दबदबा देखा जा रहा है. सभी निर्वाचन क्षेत्रों में प्रशासन ने मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए हैं. इन आठ सीटों के नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे. यह उपचुनाव आने वाले राज्यों के विधानसभा चुनावों और राष्ट्रीय राजनीतिक माहौल पर भी असर डाल सकते हैं.