Digital Arrest: मुंबई से डिजिटल अरेस्ट का एक मामला सामने आया है. 26 साल की महिला को साइबर ठगो ने अपना शिकार बनाया. फॉर्मास्यूटिकल कंपनी में काम करने वाली महिला को साइबर ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस का अफसर बताया फिर वीडियो कॉल करके उससे कपड़े उतरवाए. आरोपियों ने महिला को बताया कि उसका नाम जेट एयरवेज के फाउंडर चेयरमैन नरेश गोयल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सामने आया है. ये बात सुनते ही महिला डर गई. क्योंकि इस समय नरेश गोयल जेल में है. महिला को लगा कहीं उसे भी जेल न हो जाए. इसलिए उसने ठगों के कहे अनुसार लाखों रुपये ट्रांसफर कर दिए.
रिपोर्ट के अनुसार महिला को पहले वॉयस काल आई. इसके बाद उसे मनी लॉन्ड्रिंग केस में फसाने की बात कही गई. आगे की पूछताछ के लिए वीडियो कॉल की गई. इंटेरोगेशन के लिए होटल में बुलाकर वेरिफिकेशन के नाम पर फिर कपड़े उतरवाए गए. इसके बाद आरोपियों ने बैंक वेरिफिकेशन की बात कहरकर 1 लाख 70 हजार रुपये वसूले. जब महिला को एहसास हुआ कि वह डिजिटल अरेस्ट का शिकार हुई है तो उसने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई.
आरोपियों ने महिला से वीडियो और वॉयस कॉल पर बात करने के बाद होटल में बुलाया. पहले वीडियो कॉल में एक बार कपड़े उतरवाए गए फिर होटल में कपड़े उतरवाए. वेरिफिकेशन के नाम पर 1 लाख 70 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए.
महिला को डर था कि अगर उसने आरोपियों की बात नहीं मानी तो उसे जेल हो जाएगी. इसी डर से वह साइबर ठगों ने जो कहा वो करती गई. अंत में 28 नवंबर को महिला को एहसास हुआ कि उसके साथ ठगी की गई तो उसने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई. अब पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.
डिजिटल अरेस्ट का ये कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं. तेजी के साथ साइबर ठग लोगों को डिजिटल अरेस्ट के जरिए ठगने का काम कर रहे हैं. जेट एयरवेज के फाउंडर नरेश गोयल के नाम पर ठगों ने टेक्सटाइल कंपनी वर्धमान के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री पॉल ओसवाल से 7 करोड़ रुपये की ठगी की थी. इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2 लोगों को गिरफ्तार भी किया था.