Arvind Kejriwal: आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी. केजरीवाल की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रीय राजधानी में अगले साल की शुरुआत में होने वाले चुनावों से पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है. पहले ही कई हाई-प्रोफाइल दलबदल हो चुके हैं, जिसमें कांग्रेस और भाजपा के कई नेता 'आप' में शामिल हो गए हैं.
अरविंद केजरीवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा,‘आप दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कोई गठबंधन नहीं करेगी.’ दिल्ली चुनाव में इस बार AAP की शासन संबंधी साख का परीक्षण होने की संभावना है, जबकि भाजपा इस शहर-राज्य में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है. 26 विपक्षी दलों का गठबंधन इंडिया ब्लॉक, राजधानी में भाजपा विरोधी वोटों को एकजुट करने की उम्मीद कर रहा था, लेकिन केजरीवाल की घोषणा विपक्षी दलों को चौंका दिया है.
दिल्ली में आप और कांग्रेस को नहीं मिली एक भी सीट
'आप' और कांग्रेस विपक्षी दल इंडिया ब्लॉक का हिस्सा हैं और इस साल की शुरुआत में दिल्ली में लोकसभा चुनाव साथ मिलकर लड़े थे. दोनों पार्टियों को एक भी सीट नहीं मिली और भाजपा ने सभी सीटें जीत लीं. यह पहली बार नहीं है जब आप ने गठबंधन को नकार दिया है. 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले केजरीवाल ने पंजाब में कांग्रेस के साथ गठबंधन से इनकार किया था और घोषणा की थी कि उनकी पार्टी सभी 13 सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी. दोनों दल हरियाणा विधानसभा चुनावों के लिए भी सीट बंटवारे पर सहमति बनाने में विफल रहे थे.
दिल्ली की 62 सीटों पर 'आप' का कब्जा
दिल्ली में विधानसभा की कुल 70 सीटे हैं, जहां 'आप' के पास मौजूदा समय में 62 सीटें हैं. सत्तारूढ़ पार्टी ने हाल ही में 11 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची की घोषणा की, जिसमें भाजपा और कांग्रेस से आए छह नेता शामिल हैं.
अरविंद केजरीवाल ने लिक्विड अटैक पर अपनी बात रखी
अरविंद केजरीवाल पर शनिवार को पदयात्रा के दौरान एक तरल पदार्थ फेंके जाने की घटना हुई. इसपर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शहर में पूरी तरह से कानून-व्यवस्था ध्वस्त है. इसको लेकर उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह को आड़े हाथ लिया.