लोकसभा का सत्र शुरू हो चुका है. पहले दो दिन सांसदों ने शपथ ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, अयोध्या के सांसद अवधेश पासी समेत कई सांसदों ने दूसरे दिन शपथ ली. विपक्ष के 5 सांसद अभी तक शपथ ग्रहण कार्यक्रम से दूर रहे हैं. इससे लोकसभा स्पीकर के चुनाव में विपक्ष को झटका लग सकता है. 7 सांसदों ने लोकसभा में शपथ नहीं ली है. विपक्ष के 5 और निर्दलीय 2 सांसद सत्र के दूसरे दिन सदन नहीं पहुंचे. इसमें शत्रुघ्न सिन्हा, दीपक अधिकारी, नुरूल इस्लाम, कांग्रेस के शशि थरूर शामिल हैं.
सपा के सांसद अफजाल अंसारी ने भी शपथ नहीं ली है. वहीं, दो निर्दलीय सांसद इंजीनियर रसीद और अमृत पाल ने भी शपथ नहीं ली है. इन सभी को बुधवार को स्पीकर के चुनाव के बाद शपथ दिलाया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो ये सात सांसद लोकसभा स्पीकर के चुनाव में मतदान नहीं कर पाएंगे.
लोकसभा के स्पीकर के लिए पहली बार चुनाव होगा. विपक्ष ने स्पीकर के लिए कैंडिडेट का ऐलान कर दिया. एनडीए के ओर से ओम बिरला और विपक्ष की तरफ से के सुरेश उम्मीदवार हैं. स्पीकर के चुनवा में एनडीए का पलड़ा भारी है. बीजेपी के पास 241 सांसद और एनडीए के पास कुल 292 सांसद है. विपक्ष के पास कुल 233 सांसद हैं. पांच सांसदों ने शपथ ग्रहण नहीं की है. ये सभी स्पीकर चुनाव के लिए वोट नहीं डाल पाएंगे.
मंगलवार को लोकसभा स्पीकर के चुनाव के लिए बीजेपी और कांग्रेस के बीच बात नहीं बनी. राहुल गांधी ने कहा कि राजनाथ सिंह का फोन आया था, हमने उनसे डिप्टी स्पीकर की मांग रखी थी, लेकिन उनका कॉल बैक नहीं आया. विपक्षी दल के शीर्ष नेताओं ने मंगलवार रात कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर एक अहम बैठक की, जिसमें उन्होंने बुधवार को होने वाले स्पीकर चुनाव की रणनीति पर चर्चा की. बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के आवास पर कांग्रेस, शिवसेना, आरजेडी, जेएमएम, टीएमसी, डीएमके, आप, एनसीपी,समाजवादी पार्टी, सीपीएम, सीपीआई और आरएसपी के नेता मौजूद थे.
बुधवार को स्पीकर पद को लेकर लोकसभा में घमासान होने के आसार हैं. इंडिया गठबंधन के नेता इसके लिए तैयार हैं. सदन में बुधवार 11 बजे लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए मतदान होगा. अब से पहले लोकसभा स्पीकर का चुनाव आम सहमति के आधार पर किया जाता था, लेकिन इसबार मामला अलग है. हालांकि इंडिया गठबंधन ने संकेत दिया है कि इंडिया ब्लॉक के नेता मतगणना पर जोर नहीं देंगे, बल्कि ध्वनिमत से यह संदेश देंगे कि उन्हें (इंडिया ब्लॉक को) हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए.