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'शिव, संघ, सनातन, द्रौपदी और दु:शासन,' संसद में जमकर चले शब्द बाण, आज क्या होगा?

संसद में सोमवार के दिन विपक्ष ने केंद्र सरकार को जमकर घेरा. राहुल गांधी ने हिंदुत्व की दुहाई दे-देकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार को खूब ताना मारा. उन्होंने कहा कि संघ और नरेंद्र मोदी ही हिंदुत्व नहीं हैं. दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी केंद्र को जमकर कोसा. रही-सही कसर, दूसरे नेताओं ने पूरी कर दी. पढ़ें संसद में क्या-क्या हुआ.

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'शिव, संघ, सनातन, द्रौपदी और दु:शासन,' संसद में जमकर चले शब्द बाण, आज क्या होगा?
Courtesy: Sansad TV

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपनी प्रतिक्रिया दी तो हंगामा खड़ा हो गया. उन्होंने सदन में भगवान शिव की तस्वीर दिखाई, जिसके बाद जमकर हंगामा भड़क गया. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कहा कि राहुल गांधी हिंदुत्व का अपमान कर रहे हैं, तो ओम बिरला ने यह कहकर उन्हें टोका कि संसद की रूल बुक में ऐसा करना मना है. राहुल गांधी ने संविधान और हिंदुत्व के अपमान का भी आरोप केंद्र पर लगाया. NEET UG से लेकर किसानों तक, राहुल गांधी ने इतने तल्ख हमले किए, जिसकी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बीच में खड़ा होकर टोकना पड़ा. संसद में जमकर हंगामा हुआ. आज (मंगलवार) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्ष के आरोपों पर जवाब देंगे.
 
राहुल गांधी के भाषण पर हंगामा तब हुआ, जब उन्होंने भगवान शिव और गुरुनानक की तस्वीरें दिखाई. उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म डर और नफरत नहीं फैला सकता, जबकि भाजपा यही करती है. राहुल गांधी ने कहा कि इस्लाम में ये बताया गया है कि पैगंबर कहते हैं कि ईश्वर हमारे साथ हैं, इसलिए डरना नहीं है. सिख पंथ के गुरु नानक जी का भी यही संदेश है. शिवजी कहते हैं कि डरो और डरोओ मत. उन्होंने अयोध्या में बीजेपी की हार पर भी चुटकी ली. उन्होंने कहा कि अयोध्या में बीजेपी इसलिए हारी क्योंकि वहां किसानों की जमीन ली गई, एयरपोर्ट बनाया गया लेकिन उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया.

राहुल गांधी ने जैसे ही हिंदुत्व और हिंसा को जोड़ा तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नाराज हो गए. उन्होंने कहा कि पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहना अपमानजनक है. राहुल गांधी ने कहा था कि डरो और डराओ मत. शिवजी ये संदेश देते हैं, लेकिन खुद को हिंदू कहने वाले खुद पूरा दिन हिंसा-हिंसा करते हैं. अमित शाह और शिवराज सिंह ने भी राहुल गांधी की स्पीच के जवाब में कहा कि पहले आप अपने बयानों का साक्ष्य दें. 

हिंदू...हिंसा...नफरत पर संसद में रार

राहुल गांधी ने कहा, 'अभयमुद्रा कांग्रेस का प्रतीक है. अभयमुद्रा निर्भयता का संकेत है, आश्वासन और सुरक्षा का संकेत है, जो भय को दूर करता है और हिंदू, इस्लाम, सिख धर्म, बौद्ध धर्म और अन्य भारतीय धर्मों में दैवीय सुरक्षा और आनंद प्रदान करता है.  हमारे सभी महापुरुषों ने अहिंसा और भय खत्म करने की बात की है लेकिन, जो लोग खुद को हिंदू कहते हैं वे केवल हिंसा, नफरत, असत्य की बात करते हैं.'

NEET पर भी घमासान

राहुल गांधी ने नीट का जिक्र करके भी केंद्र को घेरा. उन्होंने कहा, 'NEET के छात्र अपनी परीक्षा की तैयारी में सालों-साल लगा देते हैं. उनके परिवार उन्हें आर्थिक और भावनात्मक रूप से सहयोग करते हैं और सच्चाई यह है कि आज नीट के छात्र परीक्षा पर विश्वास नहीं करते, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह परीक्षा अमीर लोगों के लिए है, मेधावी लोगों के लिए नहीं. मैं कई NEET छात्रों से मिला हूं. उनमें से हर एक ने मुझसे कहा कि यह परीक्षा अमीर लोगों के लिए कोटा बनाने और सिस्टम में उनके लिए रास्ता बनाने के लिए बनाई गई है और गरीब छात्रों की मदद करने के लिए नहीं बनाई गई है.'

'हिंसा को किसी धर्म से जोड़ना गलत....'

लोकसभा में राहुल गांधी के जवाब में अमित शाह ने कहा, 'विपक्ष के नेता ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जो लोग खुद को हिंदू कहते हैं, वो हिंसा की बात करते हैं और हिंसा करते हैं. शायद वे नहीं जानते कि इस देश में करोड़ों लोग गर्व से खुद को हिंदू कहते हैं. हिंसा को किसी भी धर्म से जोड़ना गलत है. उन्हें माफी मांगनी चाहिए.'
 

'गांधी पर भी घमासान'

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, 'पीएम कहते हैं कि (महात्मा) गांधी मर चुके हैं और गांधी को एक फिल्म द्वारा पुनर्जीवित किया गया था. क्या आप अज्ञानता को समझ सकते हैं? एक और बात जो मैंने देखी वह यह है कि सिर्फ एक धर्म नहीं है जो साहस की बात करता है. सभी धर्म साहस की बात करते हैं.'

संविधान पर क्या बोले राहुल?

राहुल गांधी ने कहा, 'भारत के विचार संविधान और संविधान पर हमले का विरोध करने वाले लोगों पर एक व्यवस्थित और पूर्ण पैमाने पर हमला किया गया है. हममें से कई लोगों पर व्यक्तिगत हमले किए गए. कुछ नेता अभी भी जेल में हैं. जिस किसी ने भी सत्ता और धन के केंद्रीकरण, गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यकों पर आक्रामकता के विचार का विरोध किया, उसे कुचल दिया गया. भारत सरकार के आदेश से, भारत के प्रधानमंत्री के आदेश से मुझ पर हमला किया गया. सका सबसे सुखद हिस्सा ईडी द्वारा 55 घंटे की पूछताछ थी.'

द्रौपदी, दु:शासन और महाभारत, महुआ मोइत्रा ने क्या-क्या कहा?

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी बीजेपी को खूब घेरा. उन्होंने कहा, 'पिछली बार जब मैं यहां खड़ी थी तो मुझे बोलने नहीं दिया गया. लेकिन सत्ताधारी दल ने एक सांसद की आवाज दबाने की बहुत भारी कीमत चुकाई है. मुझे बैठाने के चक्कर में जनता ने आपके 63 सदस्यों को स्थायी रूप से बैठा दिया.'

महुआ मोइत्रा बोलीं, 'मुझे इस सदन में बोलने नहीं दिया गया, लेकिन मुझे बैठाने के कोशिश में बीजेपी के 63 सांसदों को जनता ने स्थाई रूप से घर में बैठा दिया है. देश की जनता ने बीजेपी को 303 से 240 सीट पर समेट दिया है. द्रौपदी की तरह मेरा चीरहरण हो रहा था किन जनता मेरे लिए कृष्ण बन गई. आप घुस-घुसकर मारने वाले थे. इस बार जनता ने आपको घुस-घुसकर मार दिया.'