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India Daily

'ऑप्टिक्स भी कोई चीज होती है'... नड्डा के हाथों वांगचुक का अनशन टूटने पर महुआ मोइत्रा आगबबूला, दी बड़ी चेतावनी

26 दिनों की भूख हड़ताल खत्म करने के बाद सोनम वांगचुक की केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के हाथों अनशन तोड़ते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं.

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Edited By: Reepu Kumari
'ऑप्टिक्स भी कोई चीज होती है'... नड्डा के हाथों वांगचुक का अनशन टूटने पर महुआ मोइत्रा आगबबूला, दी बड़ी चेतावनी
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: 26 दिनों तक चली भूख हड़ताल समाप्त होने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं. गुरुवार देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ बातचीत के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया. इसी दौरान सामने आईं तस्वीरों में जेपी नड्डा उन्हें लिक्विड पिलाकर अनशन तुड़वाते नजर आए. तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं और इसके बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया. इसी घटनाक्रम पर तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी.

उन्होंने वांगचुक के अनशन समाप्त करने पर खुशी जताई, लेकिन साथ ही उन्हें आगाह भी किया कि आंदोलन की अब तक बनी नैतिक बढ़त कमजोर नहीं पड़नी चाहिए. महुआ ने कहा कि सरकार की किसी भी रणनीति का हिस्सा बनने से बचना जरूरी है और आंदोलन की मूल भावना को बरकरार रखा जाना चाहिए.

तस्वीरों पर महुआ मोइत्रा की टिप्पणी

महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अनशन खत्म करना जरूरी था तो किसी और के हाथ से भी यह कराया जा सकता था. उन्होंने कहा, 'ऑप्टिक्स नाम की भी कोई चीज होती है.' उनके मुताबिक सार्वजनिक संदेश और उसकी तस्वीरें भी किसी बड़े आंदोलन की धार को प्रभावित कर सकती हैं. उन्होंने वांगचुक के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए आराम करने और अपनी सेहत का ध्यान रखने की सलाह भी दी.

सरकार के प्रति सतर्क रहने की दी सलाह

महुआ मोइत्रा ने अपने संदेश में कहा कि वह सोनम वांगचुक का सम्मान करती हैं, लेकिन उन्हें सरकार के जाल में नहीं फंसना चाहिए. उन्होंने लिखा कि 26 दिनों के अनशन से जो नैतिक बढ़त आंदोलन को मिली है, उसे कमजोर नहीं होने देना चाहिए. उनके अनुसार यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति से कहीं बड़ा है और इसकी दिशा तथा उद्देश्य को बनाए रखना आवश्यक है.

सरकार की रणनीति पर भी उठाए सवाल

महुआ मोइत्रा ने अपने बयान में केंद्र सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर सकती है. उनके मुताबिक पहले वांगचुक के साथ समझौता कर उन्हें बेअसर करने, फिर विपक्ष से बातचीत या समझौते की कोशिश करने और बाद में प्रदर्शनकारियों पर सख्ती दिखाने जैसी रणनीति अपनाई जा सकती है. उन्होंने कहा कि यह तरीका सफल नहीं होगा.

सरकार और सीजेपी के बीच बैठक की तैयारी

इस पूरे घटनाक्रम के बीच शुक्रवार को केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधियों के बीच दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में बैठक प्रस्तावित है. जानकारी के अनुसार, पार्टी की न्यूट्रल स्थान पर बैठक कराने की मांग स्वीकार कर ली गई है. बैठक दोपहर करीब 12:30 बजे होने की संभावना है. वहीं, सूत्रों के अनुसार प्रतिनिधियों से मुलाकात से पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी चर्चा की.