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कोलकाता रेप-मर्डर केस: प्रिंसिपल का इस्तीफा, 3 डॉक्टरों को समन, प्रदर्शन जारी, अब तक क्या-क्या हुआ?

Kolkata Misdeed Murder Case: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर की रेप के बाद हत्या मामले में प्रिंसिपल का इस्तीफा आया है, जबकि पुलिस ने 3 डॉक्टरों को तलब किया है. वहीं, स्थानीय लोगों और जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन भी जारी है. आइए, जानते हैं कि मामले में अब तक मामले में क्या-क्या अपडेट है.

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कोलकाता रेप-मर्डर केस: प्रिंसिपल का इस्तीफा, 3 डॉक्टरों को समन, प्रदर्शन जारी, अब तक क्या-क्या हुआ?
Courtesy: social media

Kolkata Misdeed Murder Case: कोलकाता के सरकारी अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. आलोचनाओं का सामना कर रहे आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के प्रिंसिपल प्रो. (डॉ.) संदीप घोष ने सोमवार सुबह अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर उन्हें बदनाम किया जा रहा है और पीड़िता उनकी बेटी जैसी है. उन्होंने कहा कि उन्होंने एक अभिभावक के तौर पर इस्तीफा दिया है.

न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार प्रिंसिपल संदीप घोष ने कहा कि सोशल मीडिया पर मेरी बदनामी हो रही है...मृतक डॉक्टर मेरी बेटी की तरह थी। एक अभिभावक के तौर पर मैं इस्तीफा देता हूं...मैं नहीं चाहता कि भविष्य में किसी के साथ ऐसा हो. इस बीच, कोलकाता पुलिस ने तीन जूनियर डॉक्टरों और एक हाउसकीपिंग स्टाफ को जांच के लिए बुलाया है. जिस रात अस्पताल में महिला की हत्या हुई, उस रात वे ड्यूटी पर थे.

लखनऊ से लेकर चंडीगढ़ तक... रेप और हत्या के विरोध में प्रदर्शन

कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप और फिर हत्या के मामले में दिल्ली से लेकर लखनऊ तक विरोध प्रदर्शन जारी है. फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन यानी FORDA ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में बलात्कार और हत्या की शिकार महिला पीजी प्रशिक्षु डॉक्टर के लिए न्याय की मांग करते हुए देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया. जानकारी के मुताबिक, देश भर के लगभग 3 लाख डॉक्टर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए हैं.

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव अपूर्व चंद्रा से मुलाकात के बाद, FORDA के महासचिव डॉ. सर्वेश पांडे ने कहा कि हमने स्वास्थ्य सचिव से मुलाकात की. हमने कल एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की जिसमें हमारी मांगों का उल्लेख किया गया कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को तुरंत हटाया जाना चाहिए, सीबीआई जांच, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और केंद्रीय सुरक्षा अधिनियम की एक समिति होनी चाहिए. जब ​​तक हमें लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता कि हमारी मांगें पूरी की जाएंगी, हम अपनी हड़ताल जारी रखेंगे. हड़ताल के दौरान, वैकल्पिक सर्जरी बाधित रहेंगी और केवल आपातकालीन सेवाएं ही काम करेंगी. 

डॉ. सरदा प्रसाद साहू, अध्यक्ष आरडीए, एलएचएमसी ने कहा कि हमने स्वास्थ्य सचिव से मुलाकात की, जहां हमें आश्वासन दिया गया. अगर हमें लिखित में मिलता है कि हमारी मांगें पूरी हो गई हैं, तो हम हितधारकों के साथ बैठक करेंगे और आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेंगे. अगर हमारी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो हम प्रक्रिया को तेज करेंगे. हम मृतक के लिए न्याय चाहते हैं...अस्पतालों में केवल वैकल्पिक ओटी और ओपीडी और गैर-आपातकालीन सेवाएं बंद की गई हैं. सभी आपातकालीन सेवाएं चल रही हैं. 

दिल्ली के जीबीटी अस्पताल के डॉक्टरों ने भी किया विरोध प्रदर्शन

दिल्ली के जीटीबी अस्पताल के आरडीए अध्यक्ष डॉ. रजत शर्मा ने कहा कि डॉक्टर होने के नाते, हम भी मरीज की देखभाल से समझौता नहीं करना चाहते...एक मेडिकल बिरादरी के प्रतिनिधि होने के नाते, यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपने साथी डॉक्टरों की न्यूनतम आवश्यकता को पूरा करें और उनकी मांगों को आगे बढ़ाएं...इस तरह की क्रूरता शर्मनाक है. रेजिडेंट डॉक्टर्स कमेटी डरी हुई है और हम अपनी मांगों पर तब तक अड़े रहेंगे, जब तक हमें लिखित में आश्वासन नहीं मिल जाता. 

दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में विरोध प्रदर्शन कर रहे एक डॉक्टर ने कहा कि हमारी तीन मुख्य मांगें हैं....

पहला- सीबीआई फास्ट-ट्रैक जांच क्योंकि राज्य सरकार की जांच बहुत पक्षपातपूर्ण है. वे किसी भी निर्दोष को पकड़ना चाहते हैं और हमें चुप कराना चाहते हैं. लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे. यह एक सामूहिक बलात्कार और हत्या है, जिसे 2-3 लोगों ने अंजाम दिया है. यह निर्भया का दूसरा भाग है.

दूसरा- आरजी कर के असंवेदनशील अधिकारी जो डॉक्टरों के ड्यूटी रूम में 'रात में लड़की अकेली क्या कर रही थी' जैसे बयान जारी कर रहे हैं, उन्हें स्थायी रूप से हटाया जाना चाहिए.

तीसरा- पूरे भारत के सभी अस्पतालों में केंद्रीय सुरक्षा अधिनियम लागू किया जाना चाहिए.

वहीं, उत्तर प्रदेश में भी डॉक्टरों ने कोलकाता की वारदात को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी एंड हॉस्पिटल से विरोध प्रदर्शन की खबरें आईं. इसके अलावा, रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) दिल्ली एम्स ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में यौन उत्पीड़न और हत्या की शिकार हुई महिला डॉक्टर के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया.

FORDA इंडिया के अध्यक्ष डॉक्टर अविरल माथुर ने कहा कि इस घटना की सभी को निंदा करनी चाहिए. कल हमने FORDA के तहत राष्ट्रव्यापी हड़ताल के लिए एक नोटिस जारी किया था, जिसमें हमने कुछ मांगें रखी थीं...जब हमारी मांगों पर विचार किया जाएगा, तो हम हड़ताल वापस ले लेंगे, क्योंकि हम नहीं चाहते कि मरीजों को परेशानी हो. मरीजों की सुविधा के लिए आपातकालीन सेवाएं जारी हैं...हमारा संगठन लगातार मंत्रालय के संपर्क में है. हमें पूरा भरोसा है कि हमारी मांगें पूरी होंगी.

वहीं, पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता और कलकत्ता हाई कोर्ट के वकील कौस्तव बागची ने एक याचिका दायर कर कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पीजी प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के बलात्कार-हत्या की सीबीआई जांच की मांग की है. साथ ही सभी मेडिकल कॉलेजों और रेस्ट रूम में उचित सुरक्षा के साथ सीसीटीवी लगाने का अनुरोध किया है.

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुई मौत के मामले को लेकर चंडीगढ़ में भी डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया. डॉक्टर अनीशा ने कहा कि गैर-चिकित्सकों को इसकी परवाह नहीं है. यह केवल मेडिकल बिरादरी की समस्या बन गई है. यह घटना एक लड़की की है जिसका बलात्कार किया गया और फिर उसकी सुरक्षित जगह पर उसकी हत्या कर दी गई. हम न्याय की मांग करते हैं. हम चाहते हैं कि असली अपराधी पकड़ा जाए...आपातकालीन सेवाएं जारी हैं। हम न्याय मिलने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं.

अस्पताल के सेमिनार हॉल में मिला था ट्रेनी डॉक्टर का शव

मेडिकल कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही छात्रा का अर्धनग्न शव अस्पताल के सेमिनार हॉल में मिला था. जानकारी के मुताबिक, वारदात से पहले ट्रेनी डॉक्टर अपने दो सहकर्मियों के साथ खाना खाने के बाद आराम करने के लिए हॉल में गई थी. शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उसकी आंख, नाक और प्राइवेट पार्ट से खून बह रहा था. उसकी गर्दन भी टूटी हुई पाई गई. उसके शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोटें थीं. पुलिस ने बलात्कार और हत्या के सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है. पुलिस ने बताया कि वह व्यक्ति आधिकारिक तौर पर अस्पताल से जुड़ा नहीं था, लेकिन वह अक्सर अस्पताल आता था.

पुलिस के अनुसार, कथित तौर पर अपराध करने के बाद वह व्यक्ति घर जाकर सो गया. इसके बाद उसने अपने कपड़े धोए. हालांकि, पुलिस को उसके जूते पर खून के निशान मिले हैं. इस बीच, पश्चिम बंगाल में सोमवार को अस्पताल सेवाएं बाधित रहीं, क्योंकि जूनियर डॉक्टर, ट्रेनी और पोस्ट ग्रेजुएशन ट्रेनी डॉक्टरों ने लगातार चौथे दिन अपनी हड़ताल जारी रखी. प्रदर्शनकारी, ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के विरोध में और उसकी मौत की मजिस्ट्रेट जांच की मांग कर रहे हैं.