कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक मामले पर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक ने देश की शिक्षा व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचाया है और लाखों युवाओं के भविष्य को खतरे में डाल दिया है. उन्होंने पीए मोदी से मांग की कि वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त करें. राहुल गांधी ने कहा कि करीब 22 लाख छात्रों की मेहनत बेकार हो गई और राहुल गांधी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं. उन्होंने कहा कि या तो प्रधानमंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त या इस खुद जिम्मेदारी लें. उन्होंने लिखा, 'मोदी जी, धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त करें.'
बता दें कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं के चलते 3 मई को देश भर में हुई नीट की परीक्षा को रद्द कर दिया गया था. मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए इस परीक्षा का आयोजन किया जाता है. परीक्षा रद्द होने पर देश के कई हिस्सों में भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे. अब 21 जून को दोबारा से यह परीक्षा आयोजित की जाएगी. कथित पेपर लीक पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि 22 लाख लोगों ने दो साल तक दिन रात एक कर परीक्षा की तैयारी की लेकिन उनका कठिन परिश्रम बेकार हो गया.
उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा देश जानता है कि परीक्षा से दो दिन पहले नीट का पेपर व्हॉट्सऐप पर बांट दिया गया था. राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर इस पूरे मामले की जिम्मेदारी लेने से मना करने का भी आरोप लगाया.
Yes absolutely correct said by Rahul Gandhi Jananayak LOP, humanitarian personality and the most popular faithful leader in India nowadays, true patriots true leader who always speaks the truth boldly without any hesitation or fear in national interest. https://t.co/Wgr4bwikio
— Ashwani Kumar Rai (@ashwanirai400) May 16, 2026
उन्होंने कहा, 'धर्मेंद्र प्रधान जी, भारत के शिक्षा मंत्री कहते हैं कि मैं इसमें कुछ नहीं कर सकता. एक समिति ने सिफारिश की थी लेकिन उन्होंने उसे कूड़ेदान में फेंक दिया. उन्होंने कहा कि समिति में विपक्ष के लोग बैठे हुए हैं. इसका कोई मतलब नहीं है, इसकी कोई जरूरत नहीं है.' कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि आरएसएस, बीजेपी और विश्वविद्यालय के अधिकारियों के गठजोड़ ने देश की शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है.
उन्होंने दावा किया कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में मेरिट नहीं बल्कि वैचारिक संबद्धता के आधार पर वाइस चांसलरों और प्रोफेसरों की नियुक्तियां हो रही हैं. इनके बीच धन कमाने का गठजोड़ है और इन्होंने हिंदुस्तान की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है.
उन्होंने आरोप लगाया कि आगर आपको कुलपति बनना है तो आपको ज्ञान या अनुभव की जरूरत नहीं. अगर आप आरएसएस से हो तो आप कुलपति बन सकते हैं लेकिन अगर आपकी विचारधारा आरएसएस से मेल नहीं खाती तो आप कुलपति नहीं बन सकते. उन्होंने कहा कि देश में 80 बार पेपर लीक हुए हैं जिसके कारण 2 करोड़ लोगों का भविष्य बर्बाद हो गया है. उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग की.