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India Daily

इस राज्य में सामने आए दिमाग खाने वाले अमीबा के 67 मामले, इस साल अब तक 18 लोगों की मौत

केरल में दिमाग को खाने वाले खतरनाक अमीबा (Brain-eating Amoeba) से अब तक 67 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जिनमें से 18 की मौत हो चुकी है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
इस राज्य में सामने आए दिमाग खाने वाले अमीबा के 67 मामले, इस साल अब तक 18 लोगों की मौत
Courtesy: social media

Brain-eating amoeba cases: केरल इस समय एक बेहद घातक संक्रमण से जूझ रहा है. ‘अमीबिक मेनिन्जोएन्सेफलाइटिस’ नाम की इस बीमारी को आम भाषा में ब्रेन-ईटिंग अमीबा कहा जाता है. यह संक्रमण बहुत ही दुर्लभ है, लेकिन एक बार लग जाए तो अक्सर जानलेवा साबित होता है.

इस साल राज्य में अब तक 67 मामले सामने आ चुके हैं और 18 लोगों की मौत हो चुकी है. हाल ही में तिरुवनंतपुरम के 17 वर्षीय किशोर में इसके लक्षण मिले, जिसके बाद सरकार ने तुरंत अलर्ट जारी कर दिया है.

नए मामले से हड़कंप

तिरुवनंतपुरम का रहने वाला 17 साल का लड़का हाल ही में दोस्तों के साथ अक्कुलम टूरिस्ट विलेज स्थित स्विमिंग पूल में नहाने गया था. अगले ही दिन उसमें ब्रेन-ईटिंग अमीबा का संक्रमण पाया गया. स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्विमिंग पूल को बंद कर दिया और पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे. अधिकारियों का कहना है कि यह बीमारी नाक के जरिए शरीर में प्रवेश करती है और सीधे दिमाग पर हमला करती है.

स्वास्थ्य मंत्री की सख्त चेतावनी

स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने जनता को सतर्क करते हुए कहा है कि इस संक्रमण से बचाव के लिए पानी की स्वच्छता और स्वच्छ जीवनशैली बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में गंदे या रुके हुए पानी से चेहरा धोना या स्नान करना खतरनाक हो सकता है. खासकर ऐसे तालाब या नदी-नालों में नहाने से बचना चाहिए, जहां मवेशी भी स्नान करते हों.

रोकथाम के उपाय

सरकार ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि घरों में पानी भंडारण की सुविधाओं को साफ रखा जाए और कुओं को वैज्ञानिक तरीके से क्लोरीन से शुद्ध किया जाए. इसके अलावा वॉटर थीम पार्क और स्विमिंग पूल्स की भी नियमित जांच और क्लोरीनेशन अनिवार्य किया गया है. मंत्री ने कहा कि पानी का एक भी कण नाक में नहीं जाना चाहिए, क्योंकि यही इस बीमारी का मुख्य रास्ता है.

लगातार बढ़ रही मौतें

पिछले महीने ही केरल में इस संक्रमण से पांच लोगों की जान गई है. हाल ही में मलप्पुरम जिले की 56 वर्षीय शोभना और वायनाड के 45 वर्षीय रथीश की मौत हो गई. दोनों का इलाज कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा था. लगातार बढ़ते मामलों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग की चिंताओं को और गहरा कर दिया है.