Kerala First AI Teacher Iris: केरल ने अपना पहला AI टीचर 'आइरिस' पेश किया है. दावा है कि AI टीचर आइरिश बच्चों को दीमागी गतिविधियों में बिजी रखने के साथ-साथ उन्हें अन्य मामलों में भी तेज करेगा. दरअसल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI पिछले कुछ सालों में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सबसे ज्यादा चर्चित रहा है. AI ने आम इंसान के हर क्षेत्र और पहलुओं को प्रभावित किया है. अब एजुकेशन भी इससे अछूता नहीं है.
दावा किया जा रहा है कि चूंकि AI ने सीखने को मजेदार और आसान बना दिया है, इसलिए अब केरल के एक स्कूल ने एक ह्यूमनॉइड शिक्षक को पेश किया है.
आइरिस नाम के इस ह्यूमनॉइड टीचर को पिछले महीने सामने लाया गया था. फरवरी में तिरुवनंतपुरम के केटीसीटी हायर सेकेंडरी स्कूल में मेकरलैब्स एडुटेक प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से इस AI टीचर को पहली बार सबके सामने लाया गया था. मेकरलैब्स के अनुसार, आइरिस को अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) के हिस्से के रूप में बनाया गया था, जो स्कूलों में बच्चों की पाठ्येतर गतिविधियों (एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटिज) को बढ़ावा देगा.
दावा किया जा रहा है कि 'आइरिस' तीन भाषाएं बोल सकता है और कठिन सवालों का जवाब भी दे सकता है. साथ ही वॉयस असिस्टेंट, इंटरैक्टिव लर्निंग, मैनिपुलेशन एबिलिटिज जैसी सुविधाओं से लैस है. सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर आइरिस का एक वीडियो शेयर करते हुए मेकरलैब्स ने लिखा, “आइरिस के साथ, हमने AI की शक्ति का उपयोग करके शिक्षा में क्रांति लाने की योजना बनाई है. प्रत्येक छात्र की जरूरतों और प्राथमिकताओं को अपनाकर, आइरिस के जरिए पढ़ाई को पहले से कहीं अधिक मजेदार और प्रभावी बनाया जा सकता है. स्कूल के टीचर भी इसके लिए आइरिस की मदद ले सकते हैं.
मेकरलैब्स का कहना है कि आइरिस एक इनोवेटिव वॉयस असिस्टेंट है जिसे सीखने के माहौल में सहायता के लिए डिज़ाइन किया गया है. रोबोटिक्स और जेनेरेटिव, AI टेक्नोलॉजीज की संभावनाओं से संचालित, ये रोबोट इंटरैक्टिव क्षमताओं के साथ एक वर्सेटाइल लर्निंग टूल के रूप में काम करता है.