सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच नए सियासी जंग की वजह बन गया है. अमेरिका की एक शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच पर गंभीर आरोप लगाए हैं. कांग्रेस पार्टी ने उनके खिलाफ तत्काल एक्शन लेने की मांग की है, वहीं अडानी ग्रुप की भूमिका पर एक संयुक्त संसदीय कमेटी की जांच की मांग की है. कांग्रेस समेत दूसरी विपक्षी पार्टियों का दावा है इस केस में कई सीनियर अधिकारी शामिल हैं, जिनके खिलाफ जांच होनी चाहिए.
हिंडनबर्ग की नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि माधबी बुच और उनके पति के कई ऑफशोर फंड हैं जिनका कनेक्शन अडानी मनी सिफोनिंग स्कैंडल से जुड़ा है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि अडानी का कनेक्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा हुआ है, वे उनके नजीदीकी सहयोगी हैं. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि सेबी ने सुप्रीम कोर्ट में यह दिया है कि अडानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोगी हैं. मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया है कि माधबी बुच ने पूरे प्रकरण में सौदेबाजी की है. हालांकि उन्होंने सारे आरोपों का खंडन किया है.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है, 'लघु और मझोले निवेशक, जो मध्यमवर्ग से आते हैं, उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से स्टॉक मार्केट में निवेश किया है. इसकी हर हाल में सुरक्षा होनी चाहिए. एक संयुक्त संसदीय समिति इसकी जांच करे, जिससे इतने बड़े स्कैंडल का पर्दाफाश हो सके. जब तक यह नहीं होता है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने सहयोगियों को बचाते रहेंगे. भारत की संवैधानिक संस्थाओं के हित प्रभावित हुए हैं, विश्वसनीयता दांव पर है.'
The integrity of SEBI, the securities regulator entrusted with safeguarding the wealth of small retail investors, has been gravely compromised by the allegations against its Chairperson.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 11, 2024
Honest investors across the country have pressing questions for the government:
- Why… pic.twitter.com/vZlEl8Qb4b
बीजेपी नेता राजीव चंद्रशेखर ने आरोपों पर कहा है कि यह भारत की आर्थिक व्यवस्था को अस्थिर करने की साजिश है. उन्होंने कांग्रेस पर सेबी को कमजोर करने, देश में आर्थिक अस्थिरता लाने के लिए विदेशी मदद लेने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, 'यह एक साजिश है. कुछ ताकतें भारत की अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं. हमारे नियामक, शेयर बाजारों और वित्तीय प्रणाली को बदनाम करने के लिए मिलकर काम कर रही हैं. यह कुछ ऐसा है जिसकी इजाजत नहीं मिलनी चाहिए क्योंकि हमारा देश विस्तार और विकास के रास्ते पर है. एक स्वतंत्र नियामक के खिलाफ इन गलतफहमियों और झूठ का इस्तेमाल करना एक अपराध है. रिपोर्ट में कुछ भी विश्वसनीय नहीं है. यह भारत की अर्थव्यवस्था पर हमला है.'
SEBI had previously cleared Adani, a close associate of PM Modi, before the Supreme Court following the January 2023 Hindenburg Report revelations.
— Mallikarjun Kharge (@kharge) August 11, 2024
However, new allegations have surfaced regarding a quid-pro-quo involving the SEBI Chief.
The small & medium investors belonging…
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है, 'SEBI की ऐतिहासिक जांच होनी चाहिए, क्योंकि सेबी का इतिहास ही ऐसा रहा है कि वो कभी सही मायनों में निवेशकों का सरंक्षक व सहारा नहीं बना. भारत के बाजार में निवेश के प्रति सुरक्षा की भावना जगाने के लिए SEBI की प्रतिष्ठा की पुनर्स्थापना केवल एक निष्पक्ष जांच ही कर सकती है. SEBI प्रकरण की गहन-जांच भारत की अर्थव्यवस्था की अपरिहार्यता है.'
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि SEBI के अध्यक्ष माधबी की वजह से इस संस्था की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है. उन्होंने कहा, 'सेबी की अध्यक्ष माधबी पुरी बुच ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया. उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अगर निवेशक अपनी मेहनत की कमाई खो देते हैं, तो कौन जिम्मेदार होगा- पीएम मोदी, सेबी अध्यक्ष या गौतम अडानी? राहुल गांधी ने कहा कि लोग स्टॉक मार्केट में अपनी गाढ़ी कमाई लगाते हैं. विपक्ष के नेता के तौर पर मेरी जिम्मेदारी है कि मैं इसमें उनके निवेश के जोखिमों पर बताऊं. स्टॉक मार्केट का नियमन करने वाली भारत की संस्थ्या सेबी पर आरोप लग रहे हैं. लाखों लोगों की मेहनत की कमाई खतरे में है.
The SEBI account on Twitter is locked, and therefore inaccessible to the general public. Some reports suggest it may have been locked for a while, but this continued inaccessibility - at a time when evidence of conflict of interest by its top leadership has come out - is… pic.twitter.com/X4aswnlEhh
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) August 11, 2024
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा, 'हिंडनबर्ग खुलासे की भनक लग गई थी 3 दिन पहले मोदी ने संसद का सत्र समाप्त कर दिया. मोदी सरकार सिर से पांव तक भ्रष्टाचार में डूबी है. अपने दोस्त अडानी को बचाने के लिए मोदी जी ने उसी SEBI अध्यक्ष से जांच कराई जिसने अडानी के साथ मिलकर घोटाला किया. SC अपने फैसले पर पुनर्विचार करे. इस संबंध में 10.30 बजे पार्टी ऑफिस में महत्वपूर्ण PC है.'
हिंडनबर्ग खुलासे की भनक लग गई थी 3 दिन पहले मोदी ने संसद का सत्र समाप्त कर दिया।
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) August 11, 2024
मोदी सरकार सिर से पाँव तक भ्रष्टाचार में डूबी है।अपने दोस्त अडानी को बचाने के लिए मोदी जी ने उसी SEBI अध्यक्ष से जाँच कराई जिसने अडानी के साथ मिलकर घोटाला किया।
SC अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करे।
इस…
SEBI की ऐतिहासिक जाँच होनी चाहिए क्योंकि सेबी का इतिहास ही ऐसा रहा है कि वो कभी सही मायनों में निवेशकों का सरंक्षक व सहारा नहीं बना।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 11, 2024
भारत के बाज़ार में निवेश के प्रति सुरक्षा की भावना जगाने के लिए SEBI की प्रतिष्ठा की पुनर्स्थापना केवल एक निष्पक्ष जाँच ही कर सकती है।
SEBI…
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच की ऐसी ऑफशोर कंपनियों में हिस्सेदारी है जो अडानी ग्रुप की वित्तीय धांधली से जुड़ी हुई है. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर माधबी बुच ने अपनी सफाई पेश की है और कहा है कि उन पर फर्जी के आरोप लगाए जा रहे हैं. सेबी ने भी अपनी सफाई में कहा है कि हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट में एक डिस्क्लेमर शामिल है, जिसमें कहा गया है कि कंपनी जिन बॉन्ड्स की चर्चा कर रही है, उनमें शॉर्ट पोजिशन रख सकती है. ये सारे आरोप झूठे हैं और दुर्भावनापूर्ण हैं.