Farooq Abdullah : जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणी से सियासी बवाल खड़ा हो गया है. उन्होंने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों पर क्षेत्र में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे आतंकवादियों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है. उनकी इस टिप्पणी पर बीजेपी और केंद्र शासित प्रदेश के डीजीपी आरआर स्वैन ने कड़ी आलोचना की है.
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हमारी सीमाओं पर भारी सैन्य तैनाती के बावजूद जो यकीनन दुनिया में सबसे बड़ी हो सकती है. आतंकवादी भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करना जारी रखते है. ये सब मिले हुए हैं हमारी बर्बादी के लिए. अब्दुल्ला की यह प्रतिक्रिया अनंतनाग जिले में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में दो भारतीय जवानों की शहादत के एक दिन बाद आई है.
जम्मू कश्मीर के शीर्ष पुलिस अधिकारी आरआर स्वैन ने फारुक के बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका यह बयान निंदनीय है, जबकि भाजपा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि अब्दुल्ला पहले भी ऐसे विवादास्पद बयान दे चुके हैं. जम्मू कश्मीर के डीजीपी आरआर स्वैन ने कहा कि उनके बयान पर प्रतिक्रिया देने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं. ईमानदारी से कहें तो ईमानदारी से कहें तो सुरक्षा बलों, अर्धसैनिक बलों, सेना और पुलिस ने 7000 से अधिक लोगों की जान गंवाई है और यह संख्या और भी बढ़ती जा रही है. उन्होंने आगे कहा कि सुरक्षा बल अग्रिम मोर्चे पर हैं और वे भारतीय राष्ट्र राज्य के सबसे अच्छे देशभक्तों में से एक हैं, यही मैं कह सकता हूं.
वरिष्ठ भाजपा नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला अक्सर ऐसे बयान देते रहते हैं. वह बकवास बोलने के लिए मशहूर हैं और कोई भी उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लेता. उन्होंने कहा कि उनकी पृष्ठभूमि को समझने की जरूरत है. यह वही फारूक अब्दुल्ला हैं जिनकी तस्वीर मकबूल भट के साथ है. भट एक अलगाववादी नेता थे जिन्होंने अलगाववादी समूह नेशनल लिबरेशन फ्रंट (NLF) बनाने के बाद कश्मीरी नागरिकों और भारतीय सेना के जवानों पर हमला किया था, जिसने बाद में जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) का नाम ले लिया. सिंह ने कहा कि यह भी कहा जाता है कि वह जेकेएलएफ से भी जुड़े हैं. उन्होंने कहा कि अब्दुल्ला इस तरह की बातें इसलिए कर रहे हैं क्योंकि पिछले चुनाव में उनका बेटा हार गया था.