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India Daily

बाढ़ से जूझ रहे नेपाल को भारत की बड़ी मदद, 31 दिसंबर तक रोज 18 घंटे मिलेगी 654 MW बिजली

नेपाल में बाढ़ से जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान के बाद बिजली संकट बढ़ गया है. भारत ने 13 सितंबर से 31 दिसंबर तक 654 मेगावाट तक बिजली निर्यात की मंजूरी दी है.

KanhaiyaaZee
बाढ़ से जूझ रहे नेपाल को भारत की बड़ी मदद, 31 दिसंबर तक रोज 18 घंटे मिलेगी 654 MW बिजली
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: नेपाल इन दिनों बाढ़ और भूस्खलन से हुए भारी नुकसान से जूझ रहा है. कई जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचने के कारण वहां बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है. ऐसे मुश्किल वक्त में भारत ने पड़ोसी देश की मदद के लिए अतिरिक्त बिजली देने का फैसला किया है. बिजली मंत्रालय ने 13 सितंबर से 31 दिसंबर तक नेपाल को अधिकतम 654 मेगावाट बिजली निर्यात करने की मंजूरी दी है. यह आपूर्ति हर दिन 18 घंटे तक की जाएगी.

बिजली मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी को रोजाना आधी रात से शाम 6 बजे तक बिजली उपलब्ध कराई जाएगी. कुल मंजूर क्षमता में 600 मेगावाट तक बिजली मुजफ्फरपुर-ढलकेबर 400 केवी डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन से भेजी जा सकेगी. वहीं, 54 मेगावाट तक बिजली टनकपुर-महेंद्रनगर 132 केवी सिंगल सर्किट लाइन के जरिए दी जाएगी.

बाढ़ ने बिगाड़ा नेपाल का बिजली तंत्र

हाल की भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने नेपाल के कई हिस्सों में जरूरी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है. इसका सीधा असर जलविद्युत परियोजनाओं पर पड़ा है. बिजली उत्पादन घटने से देश में मांग और उपलब्धता के बीच अंतर बढ़ गया है. भारत ने इसी कमी को देखते हुए अतिरिक्त बिजली आपूर्ति को तत्काल कदम के तौर पर मंजूरी दी है, ताकि नेपाल अपने बिजली तंत्र को संभाल सके.

जनवरी 2027 की आपूर्ति पर दिसंबर में फैसला

भारत ने फिलहाल बिजली निर्यात की व्यवस्था 31 दिसंबर तक तय की है. बिजली मंत्रालय ने कहा है कि जनवरी 2027 से नेपाल को कितनी बिजली दी जाएगी, इसका आकलन दिसंबर 2026 में किया जाएगा. मंत्रालय के मुताबिक, अतिरिक्त बिजली से नेपाल को मौजूदा संकट के दौरान जरूरत पूरी करने में मदद मिलेगी. साथ ही इससे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऊर्जा सहयोग को और मजबूती मिलेगी.

राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुंचीं भारतीय उड़ानें

नेपाल में बाढ़ के बाद भारत ने बिजली के अलावा मानवीय मदद भी बढ़ाई है. विदेश मंत्रालय के अनुसार, 26 अगस्त से आठ विशेष उड़ानों के जरिए राहत सामग्री, जरूरी उपकरण और विशेषज्ञ कर्मियों को भेजा गया है. 9 सितंबर तक 130 टन से अधिक राहत सामग्री नेपाल पहुंचाई जा चुकी थी. भारतीय वायुसेना की आठवीं उड़ान भी हाल में राहत और मानवीय सहायता लेकर काठमांडू पहुंची.

1,385 लोगों की मौत, 5,130 अब भी लापता

नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण की 11 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ में मृतकों की संख्या 1,385 पहुंच गई थी. वहीं, 5,130 लोग अब भी लापता बताए गए थे. ऐसे हालात में बिजली आपूर्ति बहाल करना नेपाल के लिए बड़ी चुनौती है. भारत ने कहा है कि वह पड़ोसी देश के साथ खड़ा है और ऊर्जा समेत अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है.