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दुर्गा पूजा के बाद BJP में जाएंगे 17 सांसद? TMC के बागी नेता के दावे से बंगाल में सियासी हलचल

टीएमसी के बागी सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने दावा किया कि 20 में से 17 सांसद दुर्गा पूजा से पहले या बाद बीजेपी में शामिल होंगे. अन्य सांसदों और बीजेपी ने इस दावे को खारिज किया.

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दुर्गा पूजा के बाद BJP में जाएंगे 17 सांसद? TMC के बागी नेता के दावे से बंगाल में सियासी हलचल
Courtesy: Social Media

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी लोकसभा सांसदों को लेकर सियासी घमासान और तेज हो गया है. कूचबिहार के सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने दावा किया कि इनमें से 17 सांसद जल्द बीजेपी में शामिल होंगे. हालांकि उनके इस बयान के कुछ ही समय बाद साथी बागी सांसदों ने इससे दूरी बना ली. बीजेपी ने भी कहा कि केवल इच्छा जताने से किसी को पार्टी में प्रवेश नहीं दिया जाएगा. इस बीच सांसदों की सदस्यता का मामला स्पीकर और सुप्रीम कोर्ट में लंबित है.

बसुनिया ने सोमवार को कहा कि 20 सांसदों में से 17 ने सामूहिक रूप से बीजेपी में जाने का फैसला कर लिया है. उनका दावा है कि दो-तिहाई से अधिक सांसद एक साथ दल बदलेंगे, इसलिए उन पर दलबदल कानून लागू नहीं होगा. टीएमसी के 27 लोकसभा सांसदों में से 20 ने विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया यानी NCPI के साथ जुड़ने और एनडीए को समर्थन देने की घोषणा की थी.

बागी सांसदों ने ही दावे को नकारा

बसुनिया के बयान पर साथी सांसद शताब्दी रॉय ने कहा कि उन्होंने अपनी व्यक्तिगत राय रखी है और समूह ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है. अबू ताहेर खान ने भी कहा कि बसुनिया को सभी सांसदों की ओर से बोलने का अधिकार नहीं है. उन्होंने साफ कहा कि वह, जंगीपुर सांसद खलीलुर रहमान और बहरामपुर सांसद यूसुफ पठान बीजेपी या एनडीए में शामिल नहीं होंगे. हालांकि विकास से जुड़े सरकारी कार्यक्रमों में बुलाए जाने पर शामिल हो सकते हैं.

बीजेपी ने भी बनाई दूरी

बीजेपी ने 17 सांसदों के शामिल होने के दावे की पुष्टि नहीं की है. पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि सिर्फ किसी के पार्टी में आने की इच्छा जताने से उसे सदस्यता नहीं दी जा सकती. उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में टीएमसी या NCPI का कोई व्यक्ति बीजेपी में शामिल नहीं हो रहा है. बीजेपी प्रवक्ता देबजीत सरकार ने भी कहा कि पार्टी किसी व्यक्ति को केवल उसकी इच्छा के आधार पर स्वीकार नहीं करती.

दलबदल कानून के तहत मामला लंबित

20 सांसदों ने 14 जून को NCPI में विलय और बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन देने की घोषणा की थी. उनका दावा है कि यह वैध विलय है और दो-तिहाई का प्रावधान उन्हें दलबदल कानून से सुरक्षा देता है. 20 सांसदों के मामले में इस सीमा के लिए कम से कम 14 सांसदों की जरूरत है. हालांकि लोकसभा रिकॉर्ड में अभी भी सभी 20 सांसद टीएमसी सदस्य दर्ज हैं और NCPI समूह को अलग मान्यता देने का फैसला नहीं हुआ है.

स्पीकर और सुप्रीम कोर्ट के सामने मामला

टीएमसी ने 20 सांसदों की सदस्यता खत्म करने की मांग को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के पास आवेदन दिया है. पार्टी सुप्रीम कोर्ट भी पहुंची है. 26 अगस्त को लोकसभा सचिवालय ने सांसदों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. सांसदों की मांग पर जवाब की समयसीमा तीन सप्ताह बढ़ाकर 22 सितंबर कर दी गई. सुप्रीम कोर्ट ने भी सभी 20 सांसदों को नोटिस जारी किया है. ऐसे में बीजेपी में शामिल होने का दावा अभी राजनीतिक बयान भर है.