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India Daily

UAE के रास्ते भारत पहुंची पाकिस्तान की 362 टन खजूर, DRI ने पकड़ी बड़ी खेप; जानें पूरा खेल

नासिक में डीआरआई ने पाकिस्तान मूल की 362 मीट्रिक टन से अधिक सूखी खजूर जब्त की है. खेप यूएई के रास्ते भारत पहुंची थी. जांच में पाकिस्तान का मूल छिपाने के लिए कंटेनर बदलने का मामला सामने आया.

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UAE के रास्ते भारत पहुंची पाकिस्तान की 362 टन खजूर, DRI ने पकड़ी बड़ी खेप; जानें पूरा खेल
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: पाकिस्तान से सामान के आयात पर प्रतिबंध के बीच तीसरे देश के जरिए माल भारत लाने की कोशिश का मामला सामने आया है. वित्त मंत्रालय के अनुसार, राजस्व खुफिया निदेशालय यानी डीआरआई ने नासिक में 13 कंटेनरों को रोका. इनमें 362 मीट्रिक टन से ज्यादा सूखी खजूर थी. दस्तावेजों में माल का मूल देश यूएई बताया गया था. शुरुआती जांच में पता चला कि यह सामान पहले पाकिस्तान से यूएई भेजा गया और फिर वहां से भारत लाया गया.

डीआरआई ने विशेष खुफिया सूचना के आधार पर नासिक के अंबाड स्थित कंटेनर फ्रेट स्टेशन पर कार्रवाई की. यहां मुंबई की एक कंपनी द्वारा आयात किए गए 13 कंटेनरों को रोका गया. इन कंटेनरों में सूखी खजूर भरी थी. खेप जेबेल अली, यूएई से भारत पहुंची थी. आयात दस्तावेजों में यूएई को माल का मूल देश बताया गया था. जांच के दौरान अधिकारियों को इसकी वास्तविक उत्पत्ति को लेकर संदेह हुआ.

कराची से शुरू हुआ था माल का सफर

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि खजूर की खेप सबसे पहले पाकिस्तान के कराची बंदरगाह से जेबेल अली भेजी गई थी. वहां पहुंचने के बाद सामान को दूसरे कंटेनरों में स्थानांतरित किया गया. इसके बाद इसे अलग जहाज पर लादकर भारत के लिए रवाना किया गया. वित्त मंत्रालय के मुताबिक, भारत तक माल पहुंचाने की इस प्रक्रिया में पाकिस्तानी नागरिकों द्वारा संचालित संस्थाएं भी शामिल थीं.

यूएई के नाम पर छिपाई गई उत्पत्ति

जांच एजेंसी के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया का मकसद सामान की पाकिस्तान मूल की पहचान को छिपाना था. कराची से निकली खेप को पहले जेबेल अली पहुंचाया गया और वहां कंटेनर तथा जहाज बदल दिए गए. इसके बाद भारत में आयात के दौरान यूएई को मूल देश बताया गया. डीआरआई अब इस ट्रांस-शिपमेंट व्यवस्था और इसमें शामिल संस्थाओं की भूमिका की जांच कर रही है.

पहलगाम हमले के बाद आयात पर रोक

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से आने वाले सामान पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे. 2 मई 2025 से पाकिस्तान में बने या वहां से निर्यात किए गए सभी सामान के सीधे या परोक्ष आयात और पारगमन पर रोक लागू है. ऐसे में किसी तीसरे देश के रास्ते पाकिस्तान मूल के माल को भारत लाने की कोशिश भी प्रतिबंध के दायरे में आती है. नासिक की कार्रवाई इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण है.

ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट के तहत कार्रवाई

डीआरआई ने पाकिस्तान मूल के सामान की तीसरे देशों के जरिए भारत में एंट्री रोकने के लिए ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट के तहत निगरानी बढ़ाई है. वित्त मंत्रालय के मुताबिक, इस अभियान में एजेंसी ऐसे सामान की पहचान कर रही है और संदिग्ध खेपों को रोककर जब्त कर रही है. नासिक में 362 मीट्रिक टन से ज्यादा खजूर की जब्ती इसी अभियान की कार्रवाई का हिस्सा है. एजेंसी आगे की जांच में पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है.