दिल्ली के खतरनाक प्रदूषण को “धीमा जहर” बताते हुए कांग्रेस ने इसे राष्ट्रीय समस्या घोषित करने, सभी दलों की आपात बैठक बुलाने और सांसद स्तर की समिति बनाकर दीर्घकालिक समाधान तैयार करने की मांग की है.
दिल्ली की बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर राजनीति फिर गर्मा गई है. कांग्रेस का कहना है कि राजधानी की हवा अब लोगों की उम्र छह से सात साल तक कम कर रही है और हालात इतने गंभीर हैं कि शहर “रहने लायक” नहीं बचा. वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित ने केंद्र से इसे राष्ट्रीय संकट मानकर तुरंत सभी दलों की बैठक बुलाने की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली और केंद्र की सरकारें जिम्मेदारी निभाने के बजाय “फ्रीबी राजनीति” में उलझी हुई हैं, जिससे बुनियादी ढांचे पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा.
संदीप दीक्षित ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि डॉक्टर लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि जहरीली हवा से दिल्लीवासियों की औसत उम्र छह से सात साल कम हो रही है. उन्होंने कहा कि सरकारें यदि प्रदूषण नियंत्रित नहीं कर पा रहीं, तो उन्हें सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है. दीक्षित ने कहा कि जनता को भ्रमित करने की बजाय सरकार को वायु गुणवत्ता सुधारने पर फोकस करना चाहिए.
दीक्षित ने पराली और पटाखों को प्रदूषण का “छोटा कारण” बताते हुए कहा कि लगभग 35% प्रदूषण वाहनों से आता है और यह पूरे वर्ष जारी रहता है. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से सड़क ढांचा उपेक्षित पड़ा है और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की हालत लगातार बिगड़ती गई है. उनके अनुसार, जब दिल्ली का विकास हो रहा था, तब औसत ट्रैफिक स्पीड 35–40 किमी प्रति घंटे थी, जो अब शासन की विफलताओं के कारण काफी घट चुकी है.
कांग्रेस नेता ने कहा कि अवैध उद्योग अभी भी “डर्टी फ्यूल” पर चलते हैं और यह सब एमसीडी, पुलिस और नेताओं की सांठगांठ से संभव हो रहा है. शहर में जगह-जगह कूड़ा जलाया जा रहा है, जिससे हवा और खराब होती है. उन्होंने आरोप लगाया कि वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की तकनीक को राजनीतिक बयानों के कारण रोक दिया गया, जबकि इससे कूड़ा प्रबंधन बेहतर किया जा सकता था.
दीक्षित ने कहा कि सरकारों को सड़क, बस प्रणाली और मेट्रो जैसे बुनियादी ढांचे पर निवेश करना चाहिए, लेकिन मुफ्त योजनाओं की दौड़ में विकास कार्यों के लिए धन नहीं बच पा रहा. उन्होंने कहा कि चुनावी समय पर पॉपुलिस्ट राजनीति की जा सकती है, पर अभी प्राथमिकता प्रदूषण नियंत्रण होनी चाहिए.
राहुल गांधी की मांग का समर्थन करते हुए दीक्षित ने कहा कि केंद्र को सांसद-स्तरीय समिति बनाकर सभी दलों को शामिल करना चाहिए. उन्होंने उपराज्यपाल से भी लोगों को जोड़कर एक जनआंदोलन खड़ा करने की अपील की. राहुल गांधी ने शुक्रवार को बच्चों की सेहत को लेकर चिंतित माताओं से मुलाकात की थी और प्रधानमंत्री से स्पष्ट, कड़े और लागू करने योग्य एक्शन प्लान की मांग की थी.