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जूनियर्स को नई कार, मुझे 7 साल पुरानी होंडा सिटी... कहते हुए हरियाणा के IPS ने लौटा दी सरकारी गाड़ी

Haryana IPS Officer: हरियाणा के एक IPS अफसर ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए अपनी सरकारी गाड़ी पुलिस मुख्यालय को लौटा दी है. उन्होंने कहा कि उनके रैंक के मुताबिक कार नहीं दी गई, जबकि उनसे जूनियर अधिकारियों को नई गाड़ी मिल रही है.

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Haryana IPS Officer: हरियाणा के एक IPS ने अपनी गाड़ी सरकार को लौटा दी और कहा कि मेरे जूनियर्स को भी नई गाड़ी मिलती है. रैंक के हिसाब से मुझे गाड़ी आवंटित नहीं की गई थी, लिहाजा मैं सरकारी गाड़ी लौटा रहा हूं. उन्होंने अपने रैंक के हिसाब से सरकार से नई कार की मांग की है. साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से संपर्क कर IPS अधिकारियों को सरकारी गाड़ी देने के मामले में भेदभाव बरतने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है.

सरकारी गाड़ी लौटाने वाले हरियाणा में पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) (दूरसंचार) पूरन कुमार ने 14 अप्रैल को राज्य के मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद को चिट्ठी लिखी है. अपनी चिट्ठी में उन्होंने मुख्य सचिव से सरकारी गाड़ी आवंटित किए जाने के मामले की जांच करने की अपील की है. 

अफसर को आवंटित हुई थी 2017 मॉडल होंडा सिटी कार

2001-बैच के IPS अधिकारी पूरन कुमार वर्तमान में हरियाणा में पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) (दूरसंचार) हैं. वे राज्य पुलिस की डायल-112 प्रोजेक्ट का भी नेतृत्व कर रहे हैं. उन्होंने अपने से ऊंचे स्तर के अफसरों को जानकारी दी है कि नवंबर 2023 में IGP दूरसंचार और डायल 112 के प्रभारी की जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्हें 2017 मॉडल कार (होंडा सिटी) आवंटित की गई थी. 

IPS अधिकारी के मुताबिक, मामले को पुलिस विभाग के संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लेकर आए हैं. पूरन कुमार के मुताबिक, एक सीनियर अधिकारी ने उनसे कहा कि उन्हें एक नई गाड़ी आवंटित करने से कुछ अधिकारियों को नाराज़गी होगी. 

कुमार के अनुसार, इस साल 22 मार्च को उन्होंने पूरे मामले की जानकारी राज्य के डीजीपी को दी और अपने रैंक के साथ-साथ नियमों के मुताबिक नई कार दिए जाने की अपील की. उन्होंने बताया कि जो कार उन्हें दी गई है, वो 7 साल पुरानी है, उसकी कंडिशन ठीक नहीं है. सूत्रों ने कहा कि पुलिस विभाग के दूरसंचार विंग में पूरन कुमार के पहले ADGP रैंक के अधिकारी थे जिन्हें एक नई टोयोटा इनोवा क्रिस्टा मिली थी.

डीजीपी को लिखी गई चिट्ठी में IPS ने कही ये बातें

डीजीपी को लिखी गई चिट्ठी में पूरन कुमार ने इस बात की जांच का सुझाव दिया कि क्या कुछ चुनिंदा अधिकारियों को बार-बार नई गाड़ियां बांटी जा रही है. उन्होंने हरियाणा पुलिस अधिनियम, 2007 के अनुसार पुलिस मुख्यालय से स्टाफ कार के रूप में आवंटन के नियमों में संशोधन करने का भी सुझाव दिया, ताकि प्रत्येक IPS अधिकारी को उनकी बारी और सीनियरिटी के मुताबिक नई गाड़ी आवंटित की जा सके.

इस साल 26 मार्च को, पूरन कुमार ने डीजीपी को एक और चिट्ठी लिखकर जानकारी दी कि रैंक के मुताबिक गाड़ी नहीं मिलने के कारण उन्होंने अपनी सरकारी कार को वापस कर दिया. उन्होंने ये भी कहा कि कई जूनियर अफसरों को नई सरकारी गाड़ी मिली है. उन्होंने डीजीपी से नियमों के अनुसार उन्हें एक नई कार आवंटित करने की भी अपील की.