हरियाणा में विधानसभा चुनाव के ऐलान के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. पहले से ही कई पार्टियों और नेताओं की यात्रा चल रही है. कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दीपेंद्र सिंह हुड्डा की अगुवाई में 'हरियाणा मांगे हिसाब' अभियान चल रहा है तो कुमारी शैलजा और अन्य कांग्रेस नेता 'कांग्रेस संदेश यात्रा' निकाल रही हैं. वहीं, सीएम नायब सिंह सैनी की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का चुनाव अभियान भी रफ्तार पकड़ रहा है. इस बीच हरियाणा के चुनाव को लेकर एक ऐसा ओपिनियन पोल सामने आया है जो हर किसी की चिंताएं बढ़ा सकता है. इस ओपिनियन पोल से उन पार्टियों को झटका लगा है जो बंपर बहुमत वाली सरकार बनाने का दावा कर रही हैं.
हाल ही में टाइम्स नाउ नवभारत का एक ओपिनियन पोल सामने आया है जो कि हरियाणा के विधानसभा चुनाव को लेकर किया गया है. इसमें हरियाणा के संभावित सीएम फेस को लेकर भी सवाल पूछे गए हैं. इस बार भी मुख्य लड़ाई बीजेपी के नेता और मौजूदा सीएम नायब सिंह सैनी और विपक्षी कांग्रेस के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच है. वहीं, पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला भी रेस में हैं. आइए समझते हैं कि अगर भी चुनाव होते हैं तो कौन सरकार बनाएगा और किसके मुख्यमंत्री बनने के चांस ज्यादा होते हैं?
इस ओपिनियन पोल के मुताबिक, 29 पर्सेंट लोग नायब सिंह सैनी को फिर से मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं. वहीं, 27 पर्सेंट लोग भूपेंद्र सिंह हुड्डा की वापसी चाहते हैं. यानी सीएम पद को लेकर यह लड़ाई काफी रोचक होने वाली है. युवा नेता और पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के बारे में 9 पर्सेंट लोगों का कहना है कि वे उन्हें सीएम बनाना चाहते हैं. वहीं, 35 पर्सेंट लोग अन्य किसी को मुख्यमंत्री के पद पर देखना चाहते हैं.
हरियाणा में विधानसभा की कुल 90 सीटें हैं. बहुमत के लिए 46 सीटों की जरूरत है. ओपिनियन पोल के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 37 से 42 सीटें मिल सकती हैं. वहीं कांग्रेस को 33 से 38 सीट मिलने का अनुमान है. दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी फिर से अपना पुराना प्रदर्शन दोहरा सकती है और 3 से 8 सीटें जीत सकती है. किसी भी पार्टी को बहुमत से रोकने में निर्दलीयों और अन्य उम्मीदवारों की भूमिका एक बार फिर से अहम हो सकती है और इन लोगों को 7 से 12 सीटों पर जीत मिल सकती है.
वोटों के लिहाज से देखें तो बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है. बीजेपी को इस बार 35.2 पर्सेंट, कांग्रेस को 31.6 पर्सेंट, जेजेपी को 12.4 पर्सेंट और अन्य को 20.8 पर्सेंट वोट मिल सकते हैं.