रांची: ऐसे समय में जब देश में नफरत और बंटवारे की बातें आम हैं. इंसानियत और भाईचारे की एक घटना ने पूरे देश का ध्यान खींचा है. उत्तराखंड के दीपक एक मुस्लिम बुजुर्ग की जान बचाने में अपनी हिम्मत और समझदारी के लिए हर जगह चर्चा का विषय बन गए हैं. इसके बाद झारखंड सरकार के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने एक बड़ा ऐलान किया है.
डॉ. इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि वह प्यार और एकता की मिसाल बने दीपक को अपनी सैलरी से ₹2 लाख देंगे. उन्होंने यह भी ऐलान किया कि दीपक को झारखंड बुलाया जाएगा और पूरे सम्मान के साथ सम्मानित किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि उस सोच के लिए है जो देश को जोड़ती है.
डॉ इरफान अंसारी का बड़ा ऐलान।
— Dr. Irfan Ansari (@IrfanAnsariMLA) February 3, 2026
मोहब्बत और एकता की मिसाल बने दीपक, डॉ. इरफान अंसारी ने ₹2 लाख देने का किया ऐलान, झारखंड में होगा सम्मान
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देश में जब नफ़रत का ज़हर फैलाने की लगातार कोशिशें हो रही हैं, ऐसे समय में उत्तराखंड के दीपक ने इंसानियत, भाईचारे और मोहब्बत की जो मिसाल पेश… pic.twitter.com/uLb0Kj4RzJ
अपने बयान में, डॉ. अंसारी ने साफ तौर पर कहा, 'मैंने यह पहले भी कहा है, हमारी लड़ाई किसी भारतीय के खिलाफ नहीं है. हमारी लड़ाई उस ब्रिटिश सोच के खिलाफ है जिसने हमारे पूर्वजों को बेरहमी से कुचला, मारा और गुलाम बनाया.' उन्होंने कहा कि दीपक ने एक बार फिर आजादी का सही मतलब और संघर्ष की भावना को जिंदा किया है.
मंत्री ने ऐलान किया कि वह अपनी चार महीने की सैलरी से ₹2,00,000 दीपक को देंगे. उन्होंने साफ तौर पर कहा, 'यह रकम भले ही छोटी हो लेकिन यह दीपक की हिम्मत को सलाम है और इससे उसका हौसला बढ़ेगा. यह एक साफ संदेश है कि भारत की आत्मा नफरत नहीं, बल्कि प्यार है.'
इस घटना का जिक्र करते हुए, डॉ. अंसारी ने बताया कि कैसे बजरंग दल के कुछ सदस्यों ने एक गरीब कपड़े बेचने वाले पर हमला किया. उस समय दीपक आगे आया और एक मुस्लिम बुजुर्ग की जान बचाई. हालात तनावपूर्ण थे लेकिन दीपक अपनी जगह डटा रहा. उस दौरान, दीपक ने बिना डरे ऐलान किया, 'मैं दीपक हूं, मैं दीपक मोहम्मद हूं,' और अकेले ही उन लोगों को भगा दिया.
मंत्री ने यह भी साफ किया कि दीपक को जल्द ही झारखंड बुलाया जाएगा और उन्हें खुद सम्मानित किया जाएगा. उनके अनुसार यह सम्मान उस विचारधारा का प्रतीक होगा जो देश को जोड़ती है, न कि बांटती है. डॉ. अंसारी ने कहा, 'एक सच्चे भारतीय के खून में नफरत नहीं होती. एक सच्चा भारतीय प्यार करता है, अपने लोगों से प्यार करता है और प्यार का संदेश फैलाता है.'