नई दिल्ली: मंगलवार यानी आज लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण के दौरान एक बार फिर हंगामा हुआ. सोमवार की तरह मंगलवार को भी राहुल गांधी ने चीन का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि उन्होंने कल एक मैगजीन से कोट किया था और सोर्स को ऑथेंटिकेट किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है.
इससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई. इसी दौरान स्पीकर की कुर्सी की तरफ कागज फेंके गए. सदन में हंगामे वाली स्थिति देखकर स्पीकर ने कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
सदन में स्पीकर पर कागज़ फेंके जा रहे हैं,
— Social Tamasha (@SocialTamasha) February 3, 2026
और यही कांग्रेस वाले संविधान की बात करते हैं! 😡 pic.twitter.com/GX8Eb8P055
हंगामे के बाद राहुल गांधी ने संसद के बाहर कहा कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घबराए हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि चार महीने से अटकी ट्रेड डील में कुछ भी नहीं बदला है.
राहुल गांधी ने आगे कहा, 'मुझे पता है, और नरेंद्र मोदी को भी पता है. मोदी जी ने कल शाम को उस डील पर साइन किए. नरेंद्र मोदी जी दबाव में हैं. बहुत ज्यादा दबाव में.'
राहुल गांधी ने आगे कहा, 'मुद्दा जनरल नरवणे का बयान नहीं है. वह तो बस एक दिखावा है. मुझे पता है और उन्हें भी पता है. मुख्य बात यह है कि हमारे प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं. किसके द्वारा? कैसे? भारत के लोगों को इस बारे में सोचने की जरूरत है.'
उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन इतिहास में पहली बार, विपक्ष के नेता को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने नहीं दिया जा रहा है. भारत के किसानों की मेहनत, उनका खून-पसीना, नरेंद्र मोदी ने इस ट्रेड डील में बेच दिया है क्योंकि वह कॉम्प्रोमाइज्ड हैं. इसीलिए मुझे सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है.'
इस बीच आज सदन में कल की तरह ही काफी हंगामा हुआ. स्पीकर के बार-बार अपील करने के बावजूद, राहुल गांधी चीन के बारे में अपनी बातें दोहराते रहे. क्योंकि वह स्पीकर की बात नहीं सुन रहे थे, इसलिए स्पीकर ने राहुल गांधी के बजाय दूसरे स्पीकर्स को बुलाना शुरू कर दिया.