Delhi Air Pollution AQI: राजधानी दिल्ली में एक बार फिर एयर क्वालिटी खराब कैटेगरी में आ गई है. सोमवार सुबह दिल्ली का AQI बेहद खराब कैटेगरी में पहुंच गई. यहां कई इलाकों में AQI 300 के पार चला गया. दिल्ली के रोहिणी में सबसे खराब स्थिति रही. वहीं, चांदनी चौक की बात करें तो यहां का स्तर 360 दर्ज किया गया. बता दें कि कुछ दिन पहले ही दिल्ली में एक दशक से ज्यादा समय में अक्टूबर महीने की सबसे साफ हवा दर्ज की गई थी, लेकिन अब प्रदूषण ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है.
सेंट्रोल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वालिटी बेहद ही खराब रही है. चलिए जानते हैं दिल्ली के किन इलाकों में सबसे खराब AQI रहा.
रोहिणी में 396, अलीपुर में 379, विवेक विहार में 374, नरेला में 371, आरके पुरम में 368, चांदनी चौक में 360, द्वारका सेक्टर-8 में 355, आईटीओ में 349, ओखला फेज-2 में 348, जेएनयू में 313, मुंडका में 376 और वजीरपुर में 321 AQI रहा. वहीं, आनंद विहार में AQI 242, लोधी रोड में 249 और आया नगर में 281 दर्ज किया गया.
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली में रविवार यानी 1 नवंबर से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला फेज लागू कर दिया गया है. कई प्रतिबंध लगाए गए हैं. दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-IV या उससे पुराने स्टैंडर्ड वाले व्हीकलों को 31 जनवरी तक राजधानी में चलने की अनुमति नहीं होगी. वहीं, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ एंबुलेंस, दमकल, पुलिस और अन्य छूट प्राप्त जरूरी वाहनों को राहत दी गई है.
सिर्फ यही नहीं, उन सभी निर्माणों पर या तोड़फोड़ पर जो धूल फैलाते हैं, उन पर भी रोक लगा दी गई है. बता दें कि कुछ जरूरी पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को कुछ छूट दी गई है.
प्रदूषण पर कंट्रोल के लिए दिल्ली में अधिकृत पार्किंग स्थलों की फीस 28 फरवरी तक दोगुनी कर दी गई है. वहीं, सरकारी और प्राइवेट ऑफिसेज को 1 नवंबर से 31 जनवरी तक कर्मचारियों की केवल 50 प्रतिशत उपस्थिति रखने के निर्देश दिए गए हैं. बाकी कर्मचारियों को घर से काम करने की व्यवस्था करनी होगी. जरूरी और इमरजेंसी सर्विसेज को इससे छूट दी गई है. इसके अलावा 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर विशेष प्रतिबंध लागू रहेंगे.