मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के त्रोंगलाबी में पिछले हफ्ते एक मैतेई परिवार के घर पर हुए बम हमले ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है. इस हमले में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई थी. अब इस त्रासदी ने एक नया मोड़ ले लिया है. मृत बच्चों के दादा ओइनाम बाबूटन ने बुधवार को साफ कह दिया कि परिवार सरकार द्वारा दी जाने वाली अनुग्रह राशि को लेने से इनकार करता है. उन्होंने कहा कि पैसों से किसी की जान वापस नहीं आ सकती. परिवार को न्याय चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं कभी न हों. यह हमला 7 अप्रैल को तड़के करीब एक बजे हुआ था.
ओइनाम बाबूटन ने बताया कि सरकार ने उन्हें अनुग्रह राशि देने की बात कही थी, लेकिन परिवार इसके खिलाफ है. उन्होंने कहा, "आप अनुग्रह राशि से किसी इंसान की जान की भरपाई नहीं कर सकते. दस-बीस लाख रुपये किसी को वापस नहीं ला सकते. हमें न्याय चाहिए." उन्होंने बताया कि पुलिस, एनआईए और फोरेंसिक टीमों ने मुआयना किया, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है. बच्चों की मां, जिन्हें हाल ही में अस्पताल से छुट्टी मिली थी, अब अपने मायके चली गई हैं. दादा ने बताया कि उनका मन यहां नहीं लग रहा था, इसलिए वह अपने पैतृक घर जा चुकी हैं.
Unspeakable horror in Manipur. Two Children killed in an rocket attack on the home of a Meitei family- in fresh violence in Manipur - the youngest victim is a 5 month old baby. Their mother is seriously injured. https://t.co/JFexjHO7uG
— barkha dutt (@BDUTT) April 7, 2026
इस घटना के बाद मणिपुर में आक्रोश का माहौल है. बुधवार को कोकोमी (मणिपुर अखंडता समन्वय समिति) ने इंफाल पश्चिम जिले के लाम्बोईखोंगनांगखोंग राहत शिविर में एक मोमबत्ती मार्च निकाला. प्रदर्शनकारियों ने हमले के लिए "कुकी उग्रवादियों" को जिम्मेदार ठहराया और मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे लगाए. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बच्चों की मौत के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए. इससे पहले 9 अप्रैल को ऑल मणिपुर यूनाइटेड क्लब्स ऑर्गनाइजेशन (एएमयूसीओ) ने भी इंफाल में विरोध रैली निकाली थी.
7 अप्रैल की इस घटना के बाद से इंफाल-तिद्दिम रोड पर पूर्ण बंद जारी है. बिष्णुपुर जिले में कई विरोध प्रदर्शन और हिंसक झड़पें हो चुकी हैं. बता दें कि 7 अप्रैल को तड़के करीब एक बजे संदिग्ध उग्रवादियों ने त्रोंगलाबी आवांग लेइकाई इलाके में एक मकान पर बम हमला किया था. इस हमले में पांच साल का बेटा और उसकी पांच महीने की बहन जो सो रहे थे, मारे गए थे. उनकी मां भी घायल हो गई थी. अब परिवार और प्रदर्शनकारियों की एक ही मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और यह सुनिश्चित होना चाहिए कि ऐसी घटना दोबारा ना हो. फिलहाल पूरा मणिपुर इस त्रासदी के सियासी और सामाजिक असर से जूझ रहा है.