अमेरिका के मैसाचुसेट्स प्रांत में शनिवार को एक बड़ा उल्कापिंड वायुमंडल में घुसा और जोरदार विस्फोट के साथ फट गया. इस घटना से निकली रोशनी और धमाकों की आवाजें बोस्टन समेत कई दूर-दूर के कई इलाकों तक सुनाई दीं. हालांकि NASA और अन्य मॉनिटरिंग सिस्टम की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस प्राकृतिक घटना में कोई भी नुकसान नहीं हुआ है,
मिल रही जानकारी के मुताबिक लगभग 3 मीटर चौड़े इस उल्कापिंड ने पृथ्वी के वायुमंडल में तेज गति से प्रवेश किया. वायुमंडलीय घर्षण के कारण यह इतना गर्म हो गया कि चमकने लगा. जानकारी के मुताबिक लगभग 64 किलोमीटर की ऊंचाई पर यह 120,000 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से यात्रा कर रहा था. वहीं जब यह फटा तो इसमें से 300 टन TNT के बराबर ऊर्जा निकली, जिससे तेज रोशनी का गोला दिखा और जोरदार आवाज सुनाई दी.
बोस्टन के निवासियों ने इस बात की जानकारी तुरंत सोशल मीडिया पर साझा कीं. सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए कई लोगों ने बताया कि आवाज इतनी तेज थी कि उनके घर हिल गए. हालांकि घटना जमीन से कई मील ऊपर हुई थी, इसलिए किसी प्रकार का नुकसान या चोट की खबर नहीं आई.
NASA की डिप्टी न्यूज चीफ जेनिफर डोरन ने एएफपी को दिए बयान में स्पष्ट किया कि यह घटना किसी सक्रिय उल्का बौछार, अंतरिक्ष कचरे या सैटेलाइट से जुड़ी नहीं थी. यह पूरी तरह प्राकृतिक थी. डोरन ने कहा कि इसके टूटने से निकली ऊर्जा लगभग 300 टन TNT के बराबर थी, जिसके कारण इतनी जोरदार आवाजें सुनाई दीं.
Meteoro atingiu Massachusetts hoje a tarde! Eu ouvi o estrondo super alto e achei que fosse um trovão mais alto e demorado!
— Carol (@carolhaany) May 31, 2026
☄️ cool pic.twitter.com/q5ZjLcuoY5
🚨🇺🇸#BREAKING | NEWS ⚠️
— Todd Paron🇺🇸🇬🇷🎧👽 (@tparon) May 31, 2026
Part two update someone has captured the 3 foot wide meteor that came crashing down near Massachusetts and New Hampshire border causing the large sonic boom that thousands of people felt and heard in Boston as well.
There are no reports of damage at this… pic.twitter.com/wNqtrwPhvy
अमेरिकन मीटियोर सोसाइटी के अनुसार भी दोपहर 2:30 बजे आसपास उल्का के कारण ये धमाके हुए. फायरबॉल प्रोग्राम मॉनिटर रॉबर्ट लन्सफोर्ड ने सीएनएन को बताया कि डेलावेयर से लेकर मॉन्ट्रियल तक दर्जनों रिपोर्टें मिलीं, जिनमें लोगों ने दोहरे धमाकों की आवाज सुनी. लन्सफोर्ड ने इसे सामान्य आग के गोले से कहीं गुना ज्यादा बड़ा बताया. USGS ने इसे संदिग्ध बोलाइड से उत्पन्न सोनिक बूम बताया और कहा कि भूकंपों के विपरीत, ऐसी घटनाएं वायुमंडल में एक सीधी रेखा में होती हैं. वैज्ञानिकों के अनुसार, ज्यादातर उल्कापिंड वायुमंडल में ही जलकर राख हो जाते हैं. इस बार भी ऐसा ही हुआ. अगर कोई टुकड़ा बचा भी हो तो संभावना है कि वह समुद्र में गिरा होगा. इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है.