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India Daily

सरकार ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को बताया सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा, नेपाल और बांग्लादेश का दिया हवाला

सरकारी सूत्रों ने कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारे पड़ोस में क्या हुआ था जब ऐसे विरोध प्रदर्शनों ने नेताओं के आवासों को निशाना बनाया था.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
सरकार ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को बताया सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा, नेपाल और बांग्लादेश का दिया हवाला
Courtesy: @RahulGandhi

सरकारी सूत्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के आवास के बाहर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की आलोचना करते हुए इसे अलोकतांत्रिक और सुरक्षा के लिए गंभीर बताया. यही नहीं सरकार ने कहा कि विपक्षी दल ने ऐसा कर गलत और खतरनाक मिसाल कायम की है.

विकसित लोकतंत्र में इस तरह के विरोध प्रदर्शन नहीं होते

सरकारी सूत्रों ने कहा कि विकसित लोकतंत्र में इस तरह के विरोध प्रदर्शन नहीं देखे जाते और चेतावनी दी कि राजनीतिक नेताओं के आवासों को निशाना बनाकर किए गए प्रदर्शनों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं. सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करके एक बहुत ही गलत और खतरनाक मिसाल कायम की है. यह न केवल सुरक्षा के लिए खतरा है बल्कि इस तरह के द्वेषपूर्ण व्यवहार परिपक्व लोकतंत्रों में देखने को नहीं मिलता है.

सरकारी सूत्रों ने विदेशी देशों का हवाला दिया जहां राजनीतिक नेताओं के घरों के बाहर विरोध प्रदर्शन बढ़ गए. सूत्रों ने कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारे पड़ोस में क्या हुआ था जब ऐसे विरोध प्रदर्शनों ने नेताओं के आवासों को निशाना बनाया था.

बांग्लादेश और नेपाल का दिया हवाला

सरकारी सूत्रों ने इसके पीछे पड़ोसी बांग्लादेश और नेपाल का हवाला दिया जहां प्रदर्शनकारी नेताओं के घरों और दफ्तरों में घुस गए. बता दें कि अगस्त 2024 में प्रदर्शनकारियों ने तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के आधिकारी आवास गणभवन पर धावा बोल दिया था. नेपाल में भी राजनीतिक अशांति दे दौर में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौर में पूर्व प्रधानमंत्रियों और कैबिनेट मंत्रियों के घरों को निशाना बनाया गया और उनमें तोड़फोड़ की गई.

कांग्रेस ने किया पीएम आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन

बता दें कि मंगलवार को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के तमाम नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर नीट पेपर लीक, छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर धरना-प्रदर्शन किया था. इस विरोध प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कई बड़े नेता शामिल हुए.

आखिरकार पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव को हिरासत में ले लिया और तमाम प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया.