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'प्राण चला जाए, भगवान को नहीं छोड़ेंगे, यहीं मरेंगे', खौफ में बांग्लादेशी हिंदू

Bangladesh violence: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बांग्लादेश में कट्टरपंथियों ने करीब 27 जिलों में हिंदुओं को निशाना बनाया है. यहां लोगों के घरों पर हमला करके लूटपाट की गई और दुकानों में तोड़फोड़ की गई है. वहीं दर्जन भर हिंदुओं के घर को आग के हवाले कर दिया गया है. इस दौरान दो हिंदू पार्षदों को मौत के घाट उतार दिया गया है. इसके अलावा कई जगहों पर अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया गया.

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'प्राण चला जाए, भगवान को नहीं छोड़ेंगे, यहीं मरेंगे', खौफ में बांग्लादेशी हिंदू
Courtesy: Social Media

Bangladesh violence: बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के बीच कई हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की गई. इस दौरान दो हिंदू पार्षदों को मौत के घाट उतार दिया गया है. इसके अलावा कई जगहों पर अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया गया. बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद मुख्यतः: हिंदू ही कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं, बांग्लादेश के खुलना डिवीजन के मेहरपुर में स्थित इस्कॉन मंदिर को कट्टरपंथियों ने टारगेट किया इतना ही नहीं यहां इस्कॉन मंदिर में स्थापित भगवान की मूर्तियों को भी उपद्रवियों ने तोड़ दिया है. इसके अलावा मंदिर में भी आग लगा दी है.

इस्कॉन के प्रवक्ता युधिष्ठिर गोविंद दास ने घटना की पुष्टि की है.उन्होंने कहा, 'बांग्लादेश के मेहरपुर में मंदिर में आग लगाए जाने और भगवान जगन्नाथ, बलदेव सुभद्रा की प्रतिमा को तोड़ने की जानकारी सामने आ रही है. इस दौरान तीन श्रद्धालुओं ने किसी तरह जान बचाकर मंदिर से बाहर निकले. हसीना सरकार के गिरने और कट्टरपंथी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की एंट्री के साथ ही बांग्लादेश में हिंदू एक बार फिर संकट में पड़ गया है'.

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले

इस्कॉन के अमानी कृष्णदास ने कहा, 'देश के कुल 29 जिलों में मंदिरों और हिंदुओं पर हमले किए हैं. ढाका के इस्कॉन मंदिर में भी हमला हुआ. उन्होंने कहा कि हालात इतने खराब थे कि मंदिर को बंद करके रखा गया है. हम तो भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि हालात सुधर जाए. उन्होंने कहा कि यहां जब भी हालात बिगड़ता है तो सबसे पहले आसान टारगेट हिंदू ही होता है'. आगे उन्होंने कहा, हम फिलहाल इतने खौफ में हैं कि मंदिर के अंदर ही ताला बंद करके रह रहे हैं. हमारे ऊपर किसी भी समय हमला हो सकता है, इस दौरान उन्होंने कहा, 'हालात कैसे भी हों, हम भगवान कृष्ण को छोड़कर नहीं जाएंगे. हमारे प्राण भी चले जाएं तो हम यहीं रहेंगे बांग्लादेश में ही हमारा जन्म हुआ था और यहीं मरेंगे'.

छिपकर भाग रहे सुरक्षाबलों के जवान

वहीं चटगांव में इस्कॉन के प्रेसिडेंट चिन्मय कृष्णन दास ने कहा कि हिंदू पूजा स्थलों पर हमले बेहद चिंता का विषय है. चटगांव में तीन मंदिर संवेदनशील है. हालांकि अब तक कुछ मुस्लिमों के साथ मिलकर हिंदू समुदाय के लोगों ने इन्हें बचाकर रखा है.उन्होंने कहा कि मंदिरों को बचाने के लिए पुलिस से भी मदद मांगी गई है. हालांकि सुरक्षाबलों के जवान छिपकर भाग रहे हैं.

चार हिंदू मंदिरों पर हमला

हिंदू बौद्ध ईसाई यूनिटी काउंसिल के नेता काजोल देवनाथ ने कहा, 'बीते सोमवार को चार हिंदू मंदिरों पर हमला किया गया है. उपद्रवियों ने ढाका में इंडियन कल्चर सेंटर को भी निशाना बनाया था. आंदोलनकारियों ने ढाका में कई मकानों और सरकारी इमारतों में आग लगा दी ही. बंगबंधु भवन को भी प्रदर्शनकारी ने आग के हवाले कर दिया.


27 जिलों में हिंदुओं को निशाना बनाया गया

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 27 जिलों में हिंदुओं को निशाना बनाया गया है. लोगों के घरों पर हमला करके लूटपाट की गई और दुकानों में तोड़फोड़ की गई है. कालीगंज के उप जिला में चंद्रपुरा गांव में चार हिंदुओं की पिटाई की गई और उनके घर लूट लिए गए. वहीं हटिबंधा के पुरवा सुरजी में दर्जन भर हिंदुओं के घर को आग के हवाले कर दिया गया है.