बांग्लादेश में तख्तापलट हो गया है. शेख हसीन को पीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा और देश छोड़कर भागना पड़ा है. बांग्लादेश के हालात पर लेखिका और एक्टिविस्ट तसलीमा नसरीन अपने साथ हुई घटना को याद किया. उन्होंने शेख हसीना की आलोचना करते हुए कहा कि हसीना ने इस्लामवादियों को खुश करने के लिए मुझे बांग्लादेश से निकाल दिया था आज वहीं इस आंदोलन का हिस्सा हैं.
लेखिका तसलीमा नसरीन ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में लिखा कि हसीना ने इस्लामी कट्टरपंथियों को खुश करने के लिए 1999 में मुझे मेरे देश से बाहर निकाल दिया, जब मैं अपनी मां को उनकी मृत्युशय्या पर देखने के लिए बांग्लादेश में प्रवेश करने नहीं दिया गया था. वहीं इस्लामी कट्टरपंथी छात्र आंदोलन में शामिल हैं. उन्होंने आज हसीना को देश छोडने पर मजबूर कर दिया.
Hasina in order to please Islamists threw me out of my country in 1999 after I entered Bangladesh to see my mother in her deathbed and never allowed me to enter the country again. The same Islamists have been in the student movement who forced Hasina to leave the country today.
— taslima nasreen (@taslimanasreen) August 5, 2024Also Read
तसलीमा नसरीन को 1994 में बांग्लादेश छोड़ने पर मजबूर कर दिया गया था. उन्हें वहां जान का खतरा था. उनकी किताब 'लज्जा' को बांग्लादेश में प्रतिबंधित कर दिया गया था. कट्टरपंथी ने उन्हें देश छोड़ने की धमकी दी. तसलीमा के इसके बाद भारत में शरण ली थी. हालांकि उनकी किताब दुनिया भर में पढ़ी गई.
प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफे के बाद शेख हसीना ने बांग्लादेश भी छोड़ दिया है. 5 अगस्त को लाखों लोग सड़क पर उतर आए. दोपहर तक पीएम हाउस में घुस गए औऱ जमकर लूट मचाई. इस दौरान 100 से ज्यादा लोग मारे गए. राष्ट्रपति ने जेल में बंद पूर्व PM और विपक्षी नेता खालिदा जिया को रिहा करने का आदेश दिया. उन्हें 2018 में भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में 17 साल की सजा सुनाई गई थी.