नई दिल्ली: वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व राज्यपाल डी.वाई. पाटिल का मंगलवार को 90 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित अपने घर पर आखिरी सांस ली. उनके निधन से राजनीति और शिक्षा जगत में शोक की लहर है. इस बात की जानकारी उनके परिजनों ने दी है. डी.वाई पाटिल कौन थे और उनका क्या योगदान रहा है, चलिए जानते हैं.
बता दें कि डी.वाई. पाटिल का जन्म 22 अक्टूबर 1935 को हुआ था. वे एक बड़े नेता होने के साथ-साथ मशहूर शिक्षा विशेषज्ञ भी थे. उन्होंने अपने जीवन में कई अहम पदों पर काम किया और समाज सेवा में बड़ा योगदान दिया.
Former West Bengal and Bihar Governor D Y Patil passes away: Family sources pic.twitter.com/Zf8p6IDsYT
— Press Trust of India (@PTI_News) August 4, 2026
डी.वाई. पाटिल ने DY Patil ग्रुप की स्थापना की, जिसके तहत पूरे देश में स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और अस्पताल खोले गए. आज इस ग्रुप के पास 180 से ज्यादा संस्थान और कई यूनिवर्सिटी हैं. उनके संस्थानों में लाखों छात्रों ने पढ़ाई की और अपने करियर बनाए. शिक्षा और समाज सेवा में उनके योगदान के लिए उन्हें 1991 में पद्म श्री पुरस्कार मिला. उन्होंने इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट और लॉ जैसे कई क्षेत्रों में कॉलेज खोले, जिससे छात्रों को बेहतर शिक्षा का मौका मिला.
डी.वाई. पाटिल ने त्रिपुरा, बिहार और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में भी काम किया. उन्होंने 2009 से 2013 तक त्रिपुरा, फिर 2013 से 2014 तक बिहार के राज्यपाल रहे. कुछ समय के लिए उन्होंने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला. डी.वाई. पाटिल का जीवन शिक्षा और समाज सेवा के लिए समर्पित रहा. उन्होंने देश में शिक्षा को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई और हमेशा लोगों की भलाई के लिए काम किया.