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India Daily

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान अजहरुद्दीन तेलंगाना में कांग्रेस सरकार में बने मंत्री, बीजेपी क्यों कर रही आलोचना?

अजहरुद्दीन के शामिल होने से मंत्रिमंडल की कुल संख्या 16 हो गई, जिसमें दो और मंत्रियों के लिए जगह है. विधानसभा सदस्यों की संख्या के अनुसार, तेलंगाना में 18 मंत्री हो सकते हैं.

Gyanendra Sharma
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान अजहरुद्दीन तेलंगाना में कांग्रेस सरकार में बने मंत्री, बीजेपी क्यों कर रही आलोचना?
Courtesy: X-@IPRTelangana

हैदराबाद: राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता और पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन को तेलंगाना के सीएम ए रेवंत रेड्डी के मंत्रिमंडल में मंत्री के रूप में शपथ दिलाई. राजभवन में आयोजित एक सादे समारोह में राज्यपाल वर्मा ने मुख्यमंत्री सहित महत्वपूर्ण नेताओं की उपस्थिति में पूर्व भारतीय कप्तान को शपथ दिलाई.

अजहरुद्दीन के शामिल होने से मंत्रिमंडल की कुल संख्या 16 हो गई, जिसमें दो और मंत्रियों के लिए जगह है. विधानसभा सदस्यों की संख्या के अनुसार, तेलंगाना में 18 मंत्री हो सकते हैं. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान ने अपनी नियुक्ति के बाद कहा, "मैं बहुत खुश हूं. मैं अपनी पार्टी के आलाकमान, जनता और अपने समर्थकों का आभार व्यक्त करता हूं. इसका जुबली उपचुनाव से कोई लेना-देना नहीं है. ये दो अलग-अलग मामले हैं और इन्हें आपस में नहीं जोड़ा जाना चाहिए. मुझे जो भी ज़िम्मेदारी दी जाएगी, मैं शोषितों के उत्थान के लिए ईमानदारी से काम करूंगा."

जुबली हिल्स सीट पर उपचुनाव

उन्होंने केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी का ज़िक्र करते हुए कहा, "जी किशन रेड्डी कुछ भी कह सकते हैं. मुझे किसी से देशभक्ति का प्रमाणपत्र नहीं चाहिए. रेड्डी ने भाजपा में शामिल होने के समय पर सवाल उठाया था. केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, कांग्रेस पार्टी को लोगों को बताना चाहिए कि वह जुबली हिल्स सीट (2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान) हारने वाले उम्मीदवार (अजहरुद्दीन) को अचानक मंत्री क्यों बना रही है. उपचुनाव बस एक हफ़्ते दूर है, ऐसे में अल्पसंख्यकों के प्रति अचानक प्रेम क्यों? किसके फ़ायदे के लिए उन्हें मंत्री बनाया जा रहा है, किसे खुश करने के लिए?"

भाजपा के शशिधर रेड्डी ने कहा कि मोहम्मद अजहरुद्दीन को कैबिनेट में स्थान देने का प्रस्ताव "आगामी जुबली हिल्स उपचुनाव में मतदाताओं के एक वर्ग के वोटों को लुभाने और हासिल करने का प्रयास है और आदर्श आचार संहिता का घोर उल्लंघन है."

मुस्लिम मतदाताओं पर नजर

तेलंगाना मंत्रिमंडल में अजहरुद्दीन को शामिल किए जाने को कांग्रेस की एक रणनीतिक चाल माना जा रहा है, जो जुबली हिल्स उपचुनाव में कड़ी टक्कर में उलझी हुई है. एक लाख से ज़्यादा मुस्लिम मतदाताओं वाली इस सीट पर यह समुदाय निर्णायक भूमिका निभा सकता है. इस साल जून में बीआरएस विधायक मगंती गोपीनाथ के दिल का दौरा पड़ने से निधन के बाद यह उपचुनाव ज़रूरी हो गया था. अगस्त के अंत में राज्यपाल कोटे से एमएलसी मनोनीत किए गए अज़हरुद्दीन को अभी भी राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा की औपचारिक मंज़ूरी का इंतज़ार है.