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India Daily

ओडिशा राज्यसभा चुनाव में हो गया 'खेला', बीजेडी-कांग्रेस के 11 विधायकों की बगावत से BJP ने पलट दी बाजी

ओडिशा में बीजेडी और कांग्रेस के 11 विधायकों की क्रॉस वोटिंग ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं. बिहार में एनडीए ने पांचों सीटों पर कब्जा जमाया है, जबकि हरियाणा में विवाद के कारण वोटों की गिनती रुक गई है.

KanhaiyaaZee
ओडिशा राज्यसभा चुनाव में हो गया 'खेला', बीजेडी-कांग्रेस के 11 विधायकों की बगावत से BJP ने पलट दी बाजी
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: राज्यसभा चुनावों के ताजा नतीजों और घटनाक्रमों ने ओडिशा, बिहार और हरियाणा की राजनीति में भारी हलचल पैदा कर दी है. ओडिशा में नवीन पटनायक की बीजेडी और कांग्रेस को अपने ही विधायकों की बगावत का सामना करना पड़ा है. बिहार में एनडीए ने पूरी तरह क्लीन स्वीप करते हुए विपक्ष को पस्त कर दिया है. वहीं, हरियाणा में मतदान के बाद कुछ वोटों पर आपत्ति जताए जाने के कारण मतगणना की प्रक्रिया बीच में ही रोक दी गई है.

ओडिशा की चार राज्यसभा सीटों पर हुई वोटिंग में बीजेडी और कांग्रेस के साथ बड़ा 'खेल' हो गया है. पार्टी की रणनीति को धता बताते हुए बीजेडी के 8 और कांग्रेस के 3 विधायकों ने पाला बदल लिया है. इन बागी विधायकों ने बीजेपी समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी दिलीप राय के पक्ष में मतदान किया है. इस अप्रत्याशित बगावत ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को हैरान कर दिया है. अब बीजेडी और कांग्रेस के साझा उम्मीदवार डॉ. दत्तेश्वर होता की हार लगभग तय मानी जा रही है.

बगावत करने वाले प्रमुख चेहरे 

क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है. कटक चौद्वार से विधायक सौभिक बिस्वाल ने अपने पिता को पार्टी से निकालने का बदला लेने के लिए दिलीप राय को वोट दिया. देबीरंजन त्रिपाठी ने कांग्रेस से गठबंधन को बीजेडी की गलती बताया. सुबासिनी जेना ने भी पति के बीजेपी में जाने के बाद पार्टी के खिलाफ वोट डाला. इनके अलावा नब मल्लिक, चक्रमणि कंहर और रमाकांत भोई जैसे विधायकों ने भी पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर मतदान किया है.

बिहार में एनडीए का क्लीन स्वीप 

बिहार राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए सभी पांच सीटों पर कब्जा कर लिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बीजेपी के नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर और शिवेश राम विजयी घोषित हुए हैं. एनडीए की इस प्रचंड जीत ने विपक्षी महागठबंधन के दावों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है. इस जीत के साथ ही बिहार की सत्ताधारी गठबंधन ने सदन के भीतर अपनी विधायी शक्ति को और अधिक मजबूती प्रदान की है.

महागठबंधन की रणनीति हुई नाकाम 

बिहार में विपक्षी महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्रधारी सिंह (एडी सिंह) को करारी हार झेलनी पड़ी है. वोटिंग के दौरान महागठबंधन के चार विधायक गैर-हाजिर रहे, जिससे एडी सिंह के जीतने की संभावनाएं खत्म हो गईं. राजद और कांग्रेस के बीच आपसी तालमेल की कमी ने एनडीए का काम और भी आसान बना दिया. इस परिणाम ने साफ कर दिया है कि विपक्षी खेमे में फूट पड़ चुकी है, जिसका खामियाजा उन्हें राज्यसभा की महत्वपूर्ण सीटों को गंवाकर भुगतना पड़ा है.

हरियाणा में गिनती पर लगा ब्रेक 

हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के लिए कुल 88 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, लेकिन नतीजों के लिए अभी इंतजार बाकी है. इनेलो के दो विधायकों ने मतदान प्रक्रिया का बहिष्कार किया है. विवाद तब शुरू हुआ जब अनिल विज, परमवीर सिंह और भरत बेनीवाल के वोटों पर तकनीकी आपत्तियां दर्ज कराई गईं. इस मामले की आधिकारिक शिकायत चुनाव आयोग से की गई है. फिलहाल आयोग के निर्देश मिलने तक वोटों की गिनती को रोक दिया गया है.