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पार्क ले जाने के बहाने पिता ने 3 साल की बेटी को 23वीं मंजिल से फेंका...फिर खुद भी लगाई छलांग, दोनों की मौत

गुरुग्राम के सेक्टर 102 में एक व्यक्ति ने अपनी लगभग तीन साल की बेटी के साथ 23वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. घटना के पीछे मानसिक तनाव और आंखों की बीमारी को संभावित कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस जांच जारी है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
पार्क ले जाने के बहाने पिता ने 3 साल की बेटी को 23वीं मंजिल से फेंका...फिर खुद भी लगाई छलांग, दोनों की मौत
Courtesy: Grok AI

गुरुग्राम: गुरुग्राम के सेक्टर 102 स्थित जॉयविल सोसाइटी की एक रिहायशी इमारत की 23वीं मंजिल से गिरने के बाद 38 वर्षीय एक व्यक्ति और उसकी लगभग तीन साल की बेटी की सोमवार सुबह करीब 8:00 बजे मौत हो गई. व्यक्ति ने अपनी पत्नी से कहा था कि वह उनकी बेटी को नीचे पार्क में खिलाने के लिए ले जा रहा है. सोसाइटी के निवासियों ने बताया कि व्यक्ति ने अपनी बेटी के साथ इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली.

मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली के नांगलोई का रहने वाला राहुल अपने परिवार के साथ यहां रहता था और दिल्ली में एक स्कूल चलाता था. सुबह के समय उसे अपनी बेटी को गोद में लिए हुए इमारत की ऊपरी मंजिलों की ओर जाते हुए देखा गया था. कुछ ही पलों बाद दोनों नीचे जमीन पर गिर पड़े. 

पुलिस ने क्या बताया?

वहां मौजूद लोगों के बयानों और शुरुआती जांच के आधार पर, पुलिस ने यह निष्कर्ष निकाला कि सोमवार सुबह राहुल अचानक अपनी मासूम बेटी को गोद में लिए हुए इमारत की ऊपरी मंजिलों पर चला गया. इससे पहले कि कोई समझ पाता कि क्या हो रहा है, वह अपनी बेटी के साथ नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गई.

क्या उसने पहले अपनी बेटी को नीचे फेंका था?

निवासियों के बीच यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि राहुल ने पहले अपनी बेटी को नीचे फेंका और फिर खुद छलांग लगा दी. सोसाइटी के ग्राउंड फ्लोर पर जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनकर गार्ड और निवासी घटनास्थल की ओर दौड़े. पुलिस को तुरंत सूचना दी गई और दोनों पीड़ितों को आनन-फानन में पास के एक अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, तब तक पिता और बेटी दोनों ही अपनी चोटों के कारण दम तोड़ चुके थे.

खबर है कि राहुल और उनकी पत्नी अक्सर गुड़गांव और दिल्ली के किरारी के बीच आना-जाना करते थे और अपनी छोटी बेटी को उसके नाना-नानी के घर छोड़ जाते थे. COVID-19 महामारी के दौरान राहुल बीमार पड़ गए थे. इसके बाद उन्हें दोनों आंखों में लगातार देखने में दिक्कत होने लगी. उनकी दाईं आंख की रोशनी चली गई थी और बाद में उनकी दूसरी आंख की रोशनी भी कम होने लगी. इस हालत से वह बहुत परेशान थे. इस घटना के पीछे पारिवारिक कलह या गहरा मानसिक तनाव मुख्य कारण माने जा रहे हैं. 

जांच में क्या आया सामने?

घटना की जानकारी मिलते ही धनकोट पुलिस चौकी के इंचार्ज जगमाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. घटना स्थल का मुआयना किया गया है; हालांकि अब तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. पुलिस खास तौर पर यह जानने की कोशिश कर रही है कि यह एक हादसा था या आत्महत्या.